Yoga For PCOD And PCOS:   भारत में महिलाओं के बीच सबसे ज्यादा जो बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं वो है पीसीओडी और पीसीओएस. यह दोनों ही बीमारियां महिलाओं को तेजी से अपना शिकार बना रही हैं. इन दोनों ही बीमारियों के कारण महिलाओं में बांझपन का खतरा भी काफी हद तक बढ़ गया है. ऐसे में इस समस्या से जूझ रही महिलाएं इससे छुटकारा पाने के लिए दवाईयों का सहारा लेती है. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे पीसीओडी व पीसीओएस जड़ से खत्म हो जाएगा.Also Read - पानी नहीं इनकी घूंट-घूंट में हैं बीमारियां, प्यास भले बुझा दें कैंसर भी बांट रही यह बोतलें

चक्की चलासन- इसे करने के लिए आपको दोनों पैरों को पूरी तरह फैलाकर बैठना है. फिर हाथों को पकड़ते हुए बाजुओं को कंधो की सीध में अपने सामने की ओर रखें. लंबी गहरी सांस लेते हुए अपनी बॉडी के ऊपरी हिस्से को आगे लाएं और एक काल्पनिक गोला बनाते हुए दाई ओर हिलाना शुरू करें. फिर सांस भरते हुए आगे और दाई ओर जाएं और सांस छोड़ते हुए पीछे एवं बाई ओर. आगे से दाई ओर जाते हुए सांस भरें. घूमते हुए लंबी गहरी सांस लेते रहें. इससे आपको बाजुओं, पेट, पेल्विक एरिया और पैरों में स्‍ट्रेच महसूस होगा. Also Read - Yoga For Winter: ये 4 योगासन जो सर्दियों में आपको रखेंगे गर्म, शरीर और मन दोनों के लिए है फायदेमंद, जानिए करने का तरीका

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इससे यूट्रस, ओवरी, किडनी व पेट के निचले हिस्से की मसल्स की मसाज होती है, जिससे पीसीओडी की समस्या खत्म हो जाती है.

सूर्य नमस्कार- सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है. यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है. इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है. ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिए भी उपयोगी बताया गया है.

फायदे

सूर्य नमस्कार करने से प्यूबिक एरिया की मसल्स, यूरिनरी ट्रैक्ट वेन्स और लोअर अबडॉमिन की मसाज होती है और मजबूती भी आती है. यह पीसीओडी को खत्म करने के साथ मेन्सट्रुअल साइकिल को रेग्युलर करने में भी फायदेमंद होता है.

बटरफ्लाई आसन- तितली आसन करने के लिए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा कर के बैठ जाएं. रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. अब पैरों को मोड़कर हाथों की उंगलियों को पैरों के पंजों के ऊपर लाकर आपस में मिला दें. इस दौरान आपकी एडियां शरीर से सटी हुई होनी चाहिए. सामान्‍य रूप से सांस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ ऊपर ले जाएं और फिर नीचे लाएं. आपको ऐसा 15 से 20 बार करना है.

फायदे

इससे बॉडी के लोअर पार्ट की नर्व्स मजबूत होगी और प्यूबिक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा, जिससे हार्मोन्स कंट्रोल रहेंगे.