भोपाल: लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में मध्यप्रदेश में रविवार शाम छह बजे तक आठ सीटों पर 69.36 फीसदी मतदान हुआ. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों के लिए शाम छह बजे तक लगभग 69.36 प्रतिशत मतदान हुआ. उन्होंने बताया कि शाम छह बजे तक मतदान का यह प्रारंभिक आंकड़ा है, अंतिम आंकड़े में कुछ और इजाफा हो सकता है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, शाम छह बजे तक देवास में 73.88 प्रतिशत, उज्जैन में 67.53 प्रतिशत, मंदसौर में 73.01 प्रतिशत, रतलाम में 69.18 प्रतिशत, धार में 67.18 प्रतिशत, इंदौर में 64.35 प्रतिशत, खरगोन में 70.69 प्रतिशत एवं खंडवा में 70.57 प्रतिशत मतदान हुआ. मध्यप्रदेश में मतदान शांतिपूर्ण हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

इंदौर को 30 साल बाद मिलेगा नया सांसद
मध्यप्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र में रविवार शाम मतदान संपन्न होते ही कुल 20 उम्मीदवारों का चुनावी भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद हो गया. इसके साथ ही 30 साल के लंबे अंतराल के बाद क्षेत्र के मतदाताओं को लोकसभा में नया नुमाइंदा मिलने जा रहा है. 76 साल की लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इंदौर क्षेत्र से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार चुनाव जीत चुकी हैं. लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद उन्होंने पांच अप्रैल को खुद घोषणा की थी कि वह इस बार बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी.

सत्ता में लौटी कांग्रेस का उत्साह
लंबी उहापोह के बाद भाजपा ने अपने स्थानीय नेता शंकर लालवानी (57) को महाजन का चुनावी उत्तराधिकारी बनाते हुए इंदौर से टिकट दिया. लालवानी का चुनावी मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी (58) के साथ है. बता दें पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 15 साल बाद सूबे की सत्ता में लौटी कांग्रेस का उत्साह इंदौर लोकसभा सीट को लेकर उफान पर है.

हम भाजपा से इंदौर लोकसभा सीट छीनकर ही रहेंगे
कांग्रेस के मीडिया विभाग की मध्यप्रदेश इकाई की प्रमुख शोभा ओझा ने कहा, “ताई लगातार 30 साल तक इंदौर की सांसद रहीं. मध्यप्रदेश में भाजपा की सतत 15 साल तक सरकार रही. इसके बावजूद इंदौर क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हो सका. इस बात से नाराज इंदौर के मतदाताओं ने मौजूदा लोकसभा चुनावों के दौरान बदलाव के लिए वोट किया है.” ओझा ने कहा, “इस बार हम भाजपा से इंदौर लोकसभा सीट छीनकर ही रहेंगे.”