नई दिल्ली. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के भाजपा पर पार्टी के विधायकों को तोड़ने के लिए 10-10 करोड़ रुपए देने के आरोप लगाने के बीच सोमवार को आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के एक और विधायक ने पार्टी छोड़ दी है. आप के विधायक देवेंद्र सिंह सहरावत (Devinder Singh Sehrawat) सोमवार को सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए. इससे पहले इसी हफ्ते में पार्टी के विधायक रहे अनिल बाजपेयी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. एक सप्ताह से भी कम समय में आप से भाजपा में शामिल होने वाले सहरावत दूसरे विधायक हैं. लोकसभा चुनाव के बीच पार्टी के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि न सिर्फ दिल्ली, बल्कि देश के जिन राज्यों में यह पार्टी सक्रिय है, वहां भी इसके कई नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरें बीते दिनों में आई हैं.

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बिजवासन विधानसभा सीट से आप के विधायक सहरावत ने भाजपा की दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में एक संवाददाता सम्मेलन में भगवा दल की सदस्यता ली. आप पर अपनी ‘‘उपेक्षा करने’’ और ‘‘हाशिये पर डाल देने’’ का आरोप लगाते हुए सहरावत ने कहा कि उन्हें पार्टी के आयोजनों में तक नहीं बुलाया जाता था. इससे पहले आप के गांधीनगर विधायक अनिल बाजपेयी शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए थे. बाजपेयी ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू तथा केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की मौजूदगी में यहां दिल्ली इकाई के कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कई वर्षों तक आप के लिए काम किया. मैं सम्मान ना मिलने और पार्टी में व्यक्तिगत तरीके से कामकाज से दुखी हूं. पार्टी अपने रास्ते से भटक गई है.’’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत आप के कई नेताओं ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप लगाया है. आप नेताओं के पार्टी छोड़ने को लेकर बीते दिनों आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने भी प्रतिक्रिया दी थी. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ आप नेता गोपाल राय ने कहा था कि पार्टी पहले ही कह रही है कि भाजपा उनके विधायकों को ‘‘खरीदने’’ की कोशिश कर रही है. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बुधवार को ही मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने आप के सात विधायकों को दल बदलने के लिए 10-10 करोड़ रुपए की पेशकश की है. हालांकि, बाजपेई ने भाजपा में शामिल होने के लिए रुपये लेने से इनकार किया और कहा कि आरोप लगाना और फिर माफी मांगना केजरीवाल की आदत है.

(इनपुट – एजेंसी)