नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में कुल 909 उम्मीदवारों में से 170 (19 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 127 (14 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रपट के अनुसार, प्रमुख पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 43 में से 18 उम्मीदवारों (42 प्रतिशत) ने, कांग्रेस (Congress) के 45 में से 14 (31 प्रतिशत) ने, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 39 में से छह (15 प्रतिशत) ने और आम आदमी पार्टी (आप) के 14 में से तीन (21 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. कुल 313 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 29 (नौ प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं.

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नेशनल इलेक्शन वाच और एडीआर ने सातवें चरण के कुल 918 में से 909 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है. इनमें से 159 उम्मीदवार राष्ट्रीय दलों से, 68 राज्य स्तरीय पार्टियों से, 369 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त दलों से और 313 उम्मीदवार निर्दलीय हैं. भाजपा के 43 में से 15 (35 प्रतिशत), कांग्रेस के 45 में से 10 (22 प्रतिशत), बसपा के 39 में से चार (10 प्रतिशत), एआईएडीएमके के 22 में से एक (14 प्रतिशत), डीएमके के 24 में से सात (29 प्रतिशत), और आप के 14 में से एक (सात प्रतिशत) तथा 313 निर्दलीयों में से 24 (आठ प्रतिशत) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.

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सातवें चरण में 59 सीटों में से 33 रेड अलर्ट सीटें हैं. रेड अलर्ट सीट उसे कहा जाता है, जहां के तीन या उससे अधिक उम्मीदवार अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित करते हैं. पांच उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ दोषी ठहराए जा चुके मामले घोषित किए हैं, 12 ने हत्या से जुड़े मामले घोषित किए हैं, 34 मामले हत्या के प्रयास से संबंधित हैं, और सात अपहरण से जुड़े मामले हैं. 20 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित किए हैं. उनमें से दो ने दुष्कर्म से संबंधित मामले घोषित किए हैं. लेकिन 10 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ घृणास्पद भाषण से जुड़े मामले घोषित किए हैं.

उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति के मामले में 278 (31 प्रतिशत) उम्मीदवारों की संपत्ति एक करोड़ रुपये या उससे अधिक है. कांग्रेस के 45 उम्मीदवारों में से 40 (89 प्रतिशत), भाजपा के 43 में से 36 (84 प्रतिशत), बसपा के 39 में से 11 (28 प्रतिशत), आप के 14 में से नौ (64 प्रतिशत), और 313 निर्दलियों में से 59 (19 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है.