नई दिल्लीः पिछले साल के अंत में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली बुरी हार के बाद भाजपा ने प्रदेश में पार्टी को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है. इसी क्रम में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के सभी 10 सांसदों के टिकट काटने का फैसला किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसमें पूर्व सीएम रमन सिंह के बेटे का भी टिकट शामिल है. पार्टी चाहती है कि राज्य की जनता के सामने पूरी तरह से नए चेहरे उतारे जाएं, जिससे कि विधानसभा चुनाव में दिखी उनकी नाराजगी कम की जा सके.

पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा 49 से घटकर केवल 15 सीटों पर सिमट गई थी जबकि कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटें मिली हैं. इस हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में व्यापक बदलाव लाने का फैसला किया है. टिकट कटने वालों में रमन सिंह के बेटे अभिषेक के अलावे पूर्व सीए रमेश बैस जैसों के नाम शामिल है.

गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की हार बेहद बुरी रही है. वह चिंता का विषय रही. वहीं उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा और वह मामूली अंतर से चूक गई.

मंगलवार शाम में करीब 5 घंटे तक चली भाजपा संसदीय दल की बैठक में टिकट काटने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ के भाजपा प्रभारी और पार्टी महासचिव अनिल जैन ने कहा कि राज्य के सभी मौजूदा सांसदों के टिकट काटने के फैसले को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार का सामने करने वाले नेताओं को भी टिकट नहीं दिया जाएगा. टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पूर्व सीएम रमन सिंह को भी टिकट नहीं दिया जाएगा. ऐसे में उनकी पारिवारिक सीट राजनंदगांव से कोई नया चेहरा उतारा जाएगा.