दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के मसले पर कांग्रेस पार्टी दो फाड़ हो गई है. गठबंधन के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और तीन अन्य कार्यकारी अध्यक्षों की ओर पार्टी प्रमुख राहुल गांधी को लिखी गई चिट्ठी के जवाब में प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने भी एक चिट्ठी लिख दी है. पीसी चाको ने अपने पत्र में कहा है कि जितना उन्हें पता है, दिल्ली के वरिष्ठ नेता यह मानते हैं कि भाजपा को हराना पार्टी की तात्कालिक प्राथमिकता है. इसके लिए हमें आप के साथ गठबंधन करना चाहिए. ऐसा अधिकतर नेताओं का मानना है.

उन्होंने आगे लिखा कि इस बारे में हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी कुछ समय में फैसला लेंगे. जैसा कि हमारी पार्टी की नीति है कि कोई भी अहम फैसल वर्किंग कमेटी लेती है. इस मामले में भी वर्किंग कमेटी ही फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली प्रदेश इकाई के नेता कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का सम्मान करेंगे.

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और तीन कार्यकारी अध्यक्षों हारून यूसुफ, दवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को गठबंधन के खिलाफ पत्र लिखा था. इन चारों नेताओं ने आप के साथ गठबंधन पर कार्यकर्ताओं का मूड जानने के लिए फोन के जरिए करवाए गए सर्वेक्षण का भी विरोध किया था.

दिल्ली कांग्रेस के एक नेता ने बताया, ‘‘ दीक्षित और कार्यकारी अध्यक्षों ने कांग्रेस प्रमुख से गुजारिश की है कि वह ‘आप’ से गठबंधन नहीं करें क्योंकि यह दीर्घकाल में पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा.’’ नेता ने कहा कि उन्होंने पार्टी की शक्ति ऐप्प के जरिए किए गए फोन सर्वेक्षण पर भी ऐतराज जताया है. यह सर्वेक्षण दिल्ली कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी पीसी चाको ने कराया है. सर्वेक्षण में दिल्ली कांग्रेस के करीब 52,000 कार्यकर्ताओं की राय मांगी गई थी कि क्या पार्टी को आप से गठबंधन करना चाहिए या नहीं.