कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान मंगलवार को भड़की हिंसा का मसला राष्ट्रीय स्तर पर छा गया है. इसको लेकर खुद अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस किया. उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप ये संदेश देना चाहती हैं कि मुझ पर एफआईआर कराने से भाजपा के कार्यकर्ता डर जाएंगे तो मैं आपको सुनिश्चित करता हूं कि भाजपा का कार्यकर्ता और वहां की जनता सातवें चरण में और भी ज्यादा आक्रोश के साथ आपके खिलाफ मतदान करने जा रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई है. ममता दीदी आपकी एफआईआर से हम भाजपा वाले नहीं डरते. Also Read - कौन हैं वानती श्रीनिवासन, जिन्हें बीजेपी ने महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर दी बड़ी जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि हमारे 60 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की जान आपके गुंडों ने ले ली है फिर भी हमने अपना अभियान नहीं रोका है. अब बंगाल की जनता ममता को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है. अमित शाह ने कहा कि मैंने बंगाल की जनता के आक्रोश को देखा है. जैसी स्थिति वहां ममता दीदी ने बनाई है उसे जनता स्वीकार नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है. सातवें चरण के बाद 300 सीटों से ज्यादा जीतकर हम नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनाने जा रहे हैं. जिस प्रकार से बंगाल के अंदर हिंसा का तांडव चला है, मेरा मीडिया के मित्रों से भी अनुरोध है कि इस पर पूरे देश का ध्यान आकृष्ट करना चाहिए. Also Read - कमलनाथ का ज्‍योतिरादित्य सिंधिया पर तंज, बीजेपी ने दूल्हा तो बना दिया, दामाद नहीं बनने देगी

अमित शाह ने हिंसा को लेकर चुनाव आयोग से सवाल किया. उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना है. चुनाव आयोग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. Also Read - MP by-election: चुनावी घमासान के बीच सपा उम्‍मीदवार केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल