अलीपुरद्वार: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी केन्द्र में सत्ता में आने पर घुसपैठियों को ‘बाहर निकालने’ के लिए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करेगी. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हिन्दू शरणार्थियों को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा. शाह ने कहा, ‘‘हम बंगाल में एनआरसी भी लाएंगे और सभी घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे. हम यह भी सुनिश्चत करेंगे कि हिन्दू शरणार्थियों को प्रताड़ित नहीं किया जाए. वे बहुत हद तक हमारे देश का हिस्सा हैं.’’

एनआरसी असम में सभी वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम वाला एक दस्तावेज है. हालांकि, पिछले साल पूरा मसौदा जारी होने के बाद यह एक बड़ा विवादास्पद मामला बन गया. इसमें राज्य में कई दशकों से रह रहे लाखों लोगों के नाम शामिल नहीं किये गये हैं. भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव तृणकां शासित पश्चिम बंगाल में फिर से पूरी तरह से लोकतंत्र बहाली के लिए है. उन्होंने दावा किया, ‘‘तृणमूल कांग्रेस तीन टी – तृणमूल, टोल, टैक्स के लिए काम करती है. तृणकां सरकार के तहत बंगाल में गिरोह (उगाही समूह) पनप रहे हैं.’’

पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमलों को लेकर सरकार से सवाल पूछने को लेकर विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुये शाह ने कहा कि केवल नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में चीन को डोकलाम मुद्दे पर और पाकिस्तान को आतंकवाद पर उचित जवाब दिया गया है.

शाह ने कहा, ‘‘लेकिन विपक्षी नेता सरकार (हवाई हमले को लेकर) से सवाल पूछ रहे हैं. वे पाकिस्तान से बातचीत करना चाहते हैं. इस चुनाव में आपके पास दो रास्ते हैं. एक रास्ता आपको नरेन्द्र मोदी तक तो दूसरा ‘ठगबंधन’ (ठगों का एक गिरोह) ,जिसके नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव हैं, तक ले जाता है.