बिजनौर. भाजपा प्रमुख अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर उन पर हमला करते हुए रविवार को कहा कि हिन्दू समुदाय पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने वाले राहुल चाहे जहां चले जाएं, जनता उनसे हिसाब जरूर मांगेगी. शाह ने बिजनौर से भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेन्द्र सिंह के समर्थन में आयोजित जनसभा में कहा कि कांग्रेस ने समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर—ए—तैयबा को क्लीनचिट दी और स्वामी असीमानंद समेत कई निर्दोषों को जेल भेजकर हिन्दू समुदाय पर आतंकवाद का ठप्पा लगाया.

उन्होंने दावा किया कि समझौता कांड के बाद तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने कहा था कि लश्कर देश के लिये खतरा नहीं है बल्कि हिन्दू आतंकवाद फैलाने वाले लोग खतरा हैं. मगर अदालत ने असीमानंद समेत सभी आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। राहुल को इसके लिये देश की जनता से माफी मांगनी चाहिये. शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष के केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने के निर्णय का जिक्र करते हुए कहा ‘मुझे पता है कि राहुल गांधी केरल की ओर भागे हैं, अमेठी की ओर नहीं. सबको मालूम है कि अमेठी में इस बार उनका हिसाब—किताब चुकता होने वाला है.

तुष्टीकरण की राजनीति करने गए हैं
केरल में तुष्टीकरण की राजनीति है, इसीलिये वह वहां गए हैं. आपने वोट बैंक की राजनीति के लिये देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है. आप जहां भी जाएंगे, देश की जनता आपसे हिसाब मांगेगी. भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर हमले जारी रखते हुए कहा ‘आपने हिंदू समुदाय को बदनाम करके उसे आतंकवाद के साथ जोड़ा. शाह ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पांच साल के अंदर सात करोड़ गरीब महिलाओं को गैस सिलिंडर देने का काम किया. ढाई करोड़ लोगों को घर दिया. दो करोड़ 35 लाख परिवारों को बिजली दी. इसके अलावा 50 करोड़ गरीब लोगों के जीवन में कोई बीमारी होने पर पांच लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज होगा.

पीएम मोदी की तारीफ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफाईकर्मियों के पांव पखारे. सदियों में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. प्रधानमंत्री ने उनको सम्मान दिया, सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया. शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला करते हुए कहा ‘मैं राहुल बाबा से पूछता हूं कि आपके परनाना ने डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर को संसद में जाने से क्यों रोका. संसद में उनकी तस्वीर तक नहीं लगाई. आप आज आम्बेडकर की दुहाई देते हो. लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें सम्मान दिया.