नई दिल्ली: केंद्र में एनडीए की सरकार में मंत्रियों को लेकर कवायद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाक़ात की. इस मुलाकात के बाद शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. शाह और नीतीश की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन बाद ही नरेंद्र मोदी 30 मई को दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और अमित शाह के बीच मुलाकात करीब आधे घंटे चली.

माना कि अमित शाह के घर पर हुई इस मुलाकात में मोदी मंत्रिपरिषद के गठन के विषय पर चर्चा हुई. इसमें जेडीयू कोटे से कौन मंत्री होंगे, इस पर भी चर्चा की हुई . नीतीश कुमार के नेतृत्व में बुधवार को जदयू की भी बैठक हुई, जिसमें पार्टी संगठन एवं अन्य विषयों पर चर्चा हुई .

मोदी और शाह के बीच बुधवार को बैठक ऐसे समय में हुई है, जब बुधवार सुबह ही अरुण जेटली ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए साफ कर दिया है कि अब वह किसी मंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं उठाएंगे. ऐसे में वित्त मंत्री का पद किसे मिलेगा, यह विषय भी महत्वपूर्ण है .

बता दें कि लोकसभा चुनाव में जदयू के 16 सांसद निर्वाचित हुए हैं. एनडीएम में बीजेपी और शिवसेना के बाद जेडीयू के सबसे ज्‍यादा सांसद हैं. सूत्रों ने बताया कि अमित शाह इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने उनके आवास गए. मंगलवार को भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बीच करीब साढ़े चार घंटे तक चर्चा हुई थी .

समझा जाता है कि शाह, मोदी मंत्रिमंडल के गठन में राजग के सभी सहयोगी दलों को लेकर चलना चाहते हैं. ऐसा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, हरियाणा जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. बिहार में जद(यू) और महाराष्ट्र में शिवसेना भाजपा के महत्वपूर्ण सहयोगी दल हैं. भाजपा के सहयोगी दलों में अकाली दल और अन्नाद्रमुक भी शामिल हैं.