नई दिल्ली: नई सरकार में अपनी भूमिका लेकर सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए निवर्तमान वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते हैं. जेटली ने चार पैराग्राफ के पत्र में कहा कि वह अपने उपचार और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने नई सरकार में मंत्री न बनने की अपनी इच्छा के बारे में मोदी को मौखिक रूप से सूचित कर दिया था.

जेटली ने प्रधानमंत्री को भेजे गए अपने पत्र में लिखा, ”मैं आपसे औपचारिक आग्रह करने के लिए पत्र लिख रहा हूं कि मुझे स्वयं के लिए, मेरे इलाज और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और इसलिए मुझे नई सरकार में फिलहाल कोई दायित्व नहीं दिया जाए.”

बता दें कि बीते 26 मई को सरकार ने रविवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का स्वास्थ्य बिगड़ने को लेकर चल रही खबरें पूरी तरह से गलत और आधारहीन है और मीडिया को इस तरह की अफवाहों से बचना चाहिए. पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक और केंद्र सरकार के प्रवक्ता सिंताशु कार ने रविवार को ट्विटर पर स्थिति स्पष्ट करते हुए लिखा, ”मीडिया के एक तबके में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वह पूरी तरह गलत और निराधार है.”

उन्होंने आगे लिखा है, ” मीडिया को इस तरह की अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.” कई बार प्रयास के बावजूद जेटली से संपर्क नहीं हो सका. उनके कार्यालय ने कहा कि वह घर पर आराम कर रहे हैं.

जेटली के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने शुक्रवार को कहा था कि खराब स्वास्थ्य की वजह से जेटली के राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने की संभावना नहीं है. दरअसल , खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्हें उपचार के लिए अमेरिका या ब्रिटेन आना – जाना पड़ सकता है. सूत्रों ने बताया था कि जेटली ” बहुत कमजोर ” हो गए हैं. पिछले सप्ताह उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जांच हुई और इलाज हुआ. बीते पिछले हफ्ते गुरुवार को वह बीजेपी मुख्यालय में चुनाव में जीत के जश्न में शामिल नहीं हो सके.