नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल से शुरू हो रहे पहले चरण के मतदान से अंतिम चरण तक मीडिया संस्थान और ज्योतिषी चुनाव को लेकर कोई चुनाव सर्वेक्षण या भविष्यवाणी नहीं कर पाएंगे. चुनाव आयोग ने यह निर्देश जारी किया है. आयोग द्वारा सोमवार को जारी परामर्श में 11 अप्रैल को सुबह सात बजे पहले चरण का मतदान शुरू होने से 19 मई को शाम साढे छह बजे सातवें चरण का मतदान होने तक किसी भी तरह की भवष्यवाणी, चुनावी सर्वेक्षण और चुनाव परिणाम संबंधी आकलन करने को प्रतिबंधित किया है.

इस अवधि में ऐसी भविष्यवाणी या आकलन संबंधी लेख न तो प्रकाशित हो सकेंगे ना ही इनसे जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण हो सकेगा. आयोग ने सात अप्रैल को अधिसूचना जारी कर 11 अप्रैल से 19 मई तक सभी सात चरण का मतदान पूरो होने तक एक्जिट पोल के प्रसारण प्रकाशन पर भी रोक लगायी है.

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आयोग ने स्पष्ट किया कि ज्योतिषी, टेरो कार्ड रीडर, राजनीतिक विश्लेषक या कोई अन्य व्यक्ति इस तरह की कोई भविष्यवाणी या आकलन प्रकाशित प्रसारित नहीं करेगा जिससे मतदाताओं की किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के बारे में धारणा प्रभावित हो. यह बात लोकसभा चुनाव और चार राज्यों, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम के विधानसभा चुनाव तथा कुछ राज्यों के विधानसभा उपचुनाव पर भी लागू होगी. उल्लेखनीय है कि इन राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव और 37 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिये मतदान होगा.