सहारनपुरः दलित संगठन भीम आर्मी, बसपा प्रमुख मायावती के एक बयान को लेकर नाराज बताया जा रहा है. ऐसी रिपोर्ट है कि मायावती द्वारा भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को भाजपा का एजेंट करार दिए जाने को लेकर वह नाराज हैं. इसी कारण भीम आर्मी ने अपने सदस्यों से सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान मसूद के लिए वोट देने को कहा है और उनके इस ऐलान से बसपा-सपा-रालोद गठबंधन को झटका लग सकता है.

कुछ दिन पहले ही बसपा अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को भाजपा का ‘एजेंट’ करार दिया था और उन पर दलित वोटों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. सोमवार की देर रात मसूद को समर्थन देने का ऐलान किया गया. मसूद 2014 में सुर्खियों में रहे थे जब उन्होंने नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादास्पद बयान दिया था.

बसपा-सपा-रालोद गठबंधन ने सहारनपुर से फैजुल रहमान को उम्मीदवार बनाया है. यहां से भाजपा सांसद राघव लखनपाल दोबारा सांसद बनने की मशक्कत में लगे हैं. देवबंद में रविवार को एक संयुक्त रैली में मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील की थी कि रहमान को एकजुट होकर वोट दें और उनका वोट बंटना नहीं चाहिए. भीम आर्मी के एक नेता ने आरोप लगाया कि बसपा-सपा कार्यकर्ताओं ने रैली में चंद्रशेखर की तस्वीर लेकर आये कुछ दलितों के साथ मारपीट की और उनके पोस्टर फाड़ दिये.

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई भीम आर्मी के समर्थन में नहीं आया, तब मसूद ने उसकी मदद की थी.’’ वह मई 2017 में सहारनपुर में हुए जातीय संघर्ष के बाद दलित संगठन के सदस्यों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों का जिक्र कर रहे थे. कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने पिछले महीने मेरठ के एक अस्पताल में चंद्रशेखर से मुलाकात की थी.

(इनपुट-भाषा)