कटिहार/पटना. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेताओं को बागी नेताओं से निपटने में पसीने छूट रहे हैं. एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के बाद से ही इन बागी नेताओं ने पार्टी हाईकमान का जीना मुहाल कर रखा है. चाहे पटना साहिब से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के खिलाफ आरके सिन्हा के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन हो या फिर बांका संसदीय सीट पर पुतुल कुमारी का निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन. भाजपा हाईकमान बागी नेताओं के तल्ख तेवरों से परेशान है. इसी क्रम में गुरुवार को बिहार भाजपा प्रमुख नित्यानंद राय को कटिहार संसदीय सीट पर बागी हुए एक नेता की तल्खी का सामना करना पड़ा.Also Read - उद्धव ठाकरे बोले- शिवसेना ने BJP के साथ रहकर 25 साल बर्बाद कर दिए, ये मैं अब भी मानता हूं

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भाजपा की बिहार इकाई के प्रमुख नित्यानंद राय को गुरुवार को एक दल से बागी हुए नेता के समर्थकों की भीड़ द्वारा की गई धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा. भाजपा के बागी विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल को उन्होंने बातचीत के लिए बुलाया था, ताकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कटिहार लोकसभा सीट पर दायर वह अपना नामांकन सहयोगी पार्टी जद(यू) उम्मीदवार दुलाल चंद्र गोस्वामी के पक्ष में वापस लें लें. लेकिन गर्मा-गर्मी के बीच बातचीत का नतीजा धक्का-मुक्की के रूप में सामने आया. बिहार भाजपा के लिए यह घटना निश्चित रूप से हैरान और परेशान करने वाली है. Also Read - UP Polls 2022: BSP प्रमुख मायावती का हमला- 'आदित्यनाथ के गोरखपुर का मठ किसी आलीशान बंगले से कम नहीं'

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दरअसल, सीटों के बंटवारे के बाद कटिहार संसदीय सीट जदयू के हिस्से में आई है. भाजपा इस सीट को 1999, 2004 और 2009 में जदयू के समर्थन से जीत चुकी है और 2014 में यह सीट राकांपा के तारिक अनवर के पास चली गई. इस बार तारिक अनवर कांग्रेस के इस सीट से उम्मीदवार हैं. बिहार भाजपा प्रमुख के साथ बातचीत असफल होने से नाराज अग्रवाल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई. बाद में अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि रूठने मनाने का दौर खत्म हो गया है.

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कटिहार के अलावा बांका सीट पर भी भाजपा को बागियों के तेवरों से निपटना मुश्किल हो रहा है. यहां से पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने बतौर निर्दलीय अपना नामांकन दाखिल किया है. वह 2014 में यहां से राजद के जयप्रकाश नारायण यादव के हाथों पराजित हो चुकी है. वहीं, बीते दिनों रविशंकर प्रसाद को पटना एयरपोर्ट पर आरके सिन्हा के समर्थकों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था. दरअसल, भाजपा सांसद आरके सिन्हा के समर्थक चाहते थे कि शत्रुघ्न सिन्हा के बागी होने के बाद पटना साहिब सीट से आरके सिन्हा को चुनाव का टिकट मिले. लेकिन भाजपा हाईकमान ने इस सीट से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को चुनाव का टिकट दिया है. इसी बात को लेकर सिन्हा के समर्थकों ने रविशंकर प्रसाद के खिलाफ पटना एयरपोर्ट पर ‘रविशंकर प्रसाद गो बैक’ के नारे लगाए थे.

(इनपुट – एजेंसी)

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