Lok Sabha Election Results 2019: अपनी प्रचंड जीत में भाजपा ने कम से कम 13 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में अपने मत प्रतिशत को 50 फीसदी से पार कर लिया और उसकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस ने केवल एक प्रदेश पुडुचेरी में यह उपलब्धि हासिल की है. पंजाब में कांग्रेस ने कुछ अच्छा प्रदर्शन किया. कांग्रेस का मत प्रतिशत पंजाब में लगभग 40 प्रतिशत रहा, जबकि पुडुचेरी में लगभग 57 प्रतिशत रहा. चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार इसके अलावा मुख्य विपक्षी पार्टी का मत प्रतिशत उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में केवल एक ही अंक में बना रहा. Also Read - सुन लीजिए कमलनाथ जी... मैं कुत्ता हूं, मेरा मालिक मेरी जनता है, जिसकी मैं सेवा करता हूं: सिंधिया

प्रांरभिक अनुमानों के अनुसार भाजपा ने 2014 में मिले 31.34 फीसदी राष्ट्रीय मत प्रतिशत में काफी सुधार करते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पिछले चुनावों के मुकाबले अपने 19.5 फीसदी मत प्रतिशत में मामूली बदलाव किया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर हमला, बोले- अगर मैंने खुलासा कर दिया तो चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा

भाजपा का 1984 में मत प्रतिशत 7.74 फीसदी था और उस समय उसे लोकसभा की केवल दो सीटें मिली थी. इसके बाद उसके मत प्रतिशत में लगातार सुधार देखा गया है. वर्ष 1998 में (25.59 प्रतिशत) और इसके बाद हुए तीन लगातार राष्ट्रीय चुनावों में 2009 तक (18.8 प्रतिशत) रहा. वर्ष 2014 में उसका मत प्रतिशत फिर बढ़ा. Also Read - अगर हमारी सीटें ज्‍यादा भी आती हैं, तब भी नीतीश कुमार जी ही हमारे नेता होंगे: बीजेपी अध्‍यक्ष

वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद तत्काल हुए चुनावों में कांग्रेस का मत प्रतिशत रिकॉर्ड 49.1 प्रतिशत था. कांग्रेस का मत प्रतिशत 1989 में गिरकर 39.5 प्रतिशत रहा था.

2019 के चुनावों के लिए राज्यवार प्रारंभिक आंकड़े में कांग्रेस का मत प्रतिशत उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में लगभग छह प्रतिशत रहा और बिहार में थोड़ा सा अधिक लगभग सात प्रतिशत रहा. आंध्र प्रदेश और सिक्किम में कांग्रेस का मत प्रतिशत बहुत ही खराब लगभग एक प्रतिशत रहा.

पंजाब में कांग्रेस ने कुछ अच्छा प्रदर्शन किया. कांग्रेस का मत प्रतिशत पंजाब में लगभग 40 प्रतिशत रहा, जबकि पुडुचेरी में लगभग 57 प्रतिशत रहा.

कांग्रेस की तुलना में भाजपा का मत प्रतिशत उत्तर प्रदेश में 50 फीसदी के आसपास रहा जबकि हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, दिल्ली, चंडीगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक रहा.

पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने 40 प्रतिशत के आसपास मत हासिल किये और जम्मू कश्मीर में उसका मत प्रतिशत लगभग 46 प्रतिशत रहा.

उन राज्यों में जहां भाजपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा, उनमें से पंजाब में भाजपा का मत प्रतिशत 10 फीसदी, महाराष्ट्र में 27 फीसदी, असम में 35 प्रतिशत, बिहार में 24 प्रतिशत और तमिलनाडु में 3.34 प्रतिशत रहा.

तेलंगाना में भाजपा का मत प्रतिशत लगभग 20 फीसदी रहा जबकि आंध्र प्रदेश में उसे केवल 0.9 फीसदी मत मिले. केरल में भाजपा को लगभग 13 प्रतिशत और ओडिशा में 38 प्रतिशत से अधिक मत मिले.