हजारीबाग (झारखंड). हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा इस लोकसभा चुनाव में अकेले प्रचार करने में जुटे हुए हैं. इस दौरान उनके पिता भाजपा के दिग्गज नेता रहे यशवंत सिन्हा की गैरमौजूदगी मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में यशवंत सिन्हा ने अपने बेटे के लिए जमकर चुनाव प्रचार किया था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने भाजपा से दूरी बना रखी है. मीडिया में भाजपा और पार्टी हाईकमान के खिलाफ यशवंत सिन्हा के बयान भी चर्चा का विषय बनते रहे हैं. बावजूद इसके जयंत सिन्हा को उम्मीद है कि इस चुनाव में भी उन्हें पिता का साथ मिलेगा. सोमवार को जयंत ने कहा कि पिता का आशीर्वाद उनके साथ है. उम्मीद है कि उनके अभिभावक छह मई को उनके पक्ष में मतदान करेंगे.

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जयंत सिन्हा ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मेरे पिता यशवंत सिन्हा का आशीर्वाद मेरे साथ है. माता-पिता के साथ कोई राजनीतिक या निजी मतभेद नहीं है और कुछ दिन पहले जब मैंने प्रचार की शुरुआत की तब उनका आशीर्वाद लिया था.’’ वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि 2014 के चुनाव के वक्त उनके पिता ने उनके पक्ष में जोर-शोर से प्रचार किया था, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व से मतभेद बढ़ने के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी और इस बार उन्हें अकेले प्रचार के लिए जाना पड़ रहा है.

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जयंत सिन्हा ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के ऊर्जावान नेतृत्व के तहत और उनके मार्गदर्शन तथा समर्थन से यह चुनाव लड़ रहा हूं तथा भाजपा के तमाम कार्यकर्ताओं के समर्थन के साथ लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में मुझे कोई दिक्कत नहीं आएगी. आपको बता दें कि हजारीबाग से सटे रामगढ़ में कुछ साल पहले हुए मॉब-लिंचिंग के आरोपियों का सम्मान करने के मामले में जयंत सिन्हा को विपक्षी दलों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था. हालांकि बाद में जयंत सिन्हा ने इसको लेकर खेद जताया था.

(इनपुट – एजेंसी)

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