नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की भाजपा को लगता है कि इस चुनाव में पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की संभावित नाराजगी की परवाह नहीं है. तभी तो पार्टी ने शनिवार को जारी उम्मीदवारों की सूची में कुछ और मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए. इन नेताओं के टिकट कटने से कई दिग्गज नाराज हो सकते हैं. सबसे मजेदार मामला राजस्थान का है. राजस्थान में पार्टी ने अपनी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की इच्छा के खिलाफ जाते हुए कुछ बड़े फैसले किए हैं.

शनिवार को पार्टी ने जयपुर राजघराने की वंशज दीया कुमारी को राजसमंद सीट से उतारा है. पार्टी ने दीया कुमारी को टिकट देकर पूर्व सीएम वसुंधरा की नाराजगी की परवाह नहीं की है. वसुंधरा के सीएम रहते हुए ऐसी रिपोर्ट आती थी कि जयपुर राजघराने से उनके ताल्लुकात ठीक नहीं हैं. इससे पहले भाजपा ने बगावती जाट नेता हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन कर वसुंधरा के विरोध को दरकिनार करने का संकेत दिया था. बेनीवाल ने राजस्थान भाजपा के भीतर वसुंधरा के प्रभुत्व को चुनौती देते हुए पार्टी छोड़ दी थी. अब बेनीवाल नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार हैं और भाजपा उनका समर्थन कर रही है. गौरतलब है कि 2014 में वसुंधरा के सीएम रहते हुए पार्टी ने राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर परमच लहराया था.

वैसे भाजपा ने दीया कुमारी को राजसमंद से उतारकर एक नई बहस शुरू कर दी है. राजसमंद मेवाड़ क्षेत्र में पड़ता है और मेवाड़ के राजपूत मुगल बादशाह अकबर के समय से जयपुर राजघराने के विरोधी रहे हैं. उनका मानना है कि अकबर के शासनकाल में जयपुर राजघराने ने मुगलों से हाथ मिलाकर राजद्रोह किया था. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि राजसमंद में दीया कुमारी कितना अपना प्रभाव दिखा पाती हैं. वैसे पार्टी ने राजसमंद के मौजूदा सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ने के कारण दीया कुमारी को टिकट दिया है.

इसी तरह भाजपा ने राजस्थान की बाड़मेर सीट से कैलाश चौधरी को मैदान में उतारा है. यहां से मौजूदा सांसद कर्नल (रिटायर्ड) सोनाराम चौधरी का टिकट काट दिया गया है. सोनाराम चौधरी वही नेता हैं जिनको 2014 के चुनाव में तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ने नाक का सवाल बना लिया था. 2014 में पार्टी ने दिग्गज नेता जसवंत सिंह का टिकट काटकर सोनाराम को बाड़मेर से उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद जसंवत सिंह ने भाजपा के बगावत कर यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ा था.