नई दिल्ली. चुनाव आचार संहिता हनन के मामलों पर निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त कार्रवाई करने के बावजूद नेता हैं कि मान ही नहीं रहे. कुछ दिन पहले गुजरात में कांग्रेस से भाजपा में गए कुंवरजी बावलिया ने अपने इलाके के वोटरों को इस बात की चेतावनी दी थी कि जितने लोग पार्टी को वोट देंगे, उनके घरों में ही जलापूर्ति की जाएगी. सोशल मीडिया में कुंवरजी बावलिया का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग तक इसकी शिकायत पहुंची. बावलिया के बाद अब गुजरात के ही एक और भाजपा विधायक (MLA) का बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वह वोटरों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. भाजपा विधायक रमेश कटारा ने कथित रूप से वोटरों को चेतावनी दी है कि अगर इस चुनाव में किसी ने पार्टी को वोट नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में उसको रोजगार नहीं मिलेगा.

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गुजरात के फतेहपुरा से भाजपा के विधायक रमेश कटारा सोमवार को दाहोद से भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह भाभोर के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे. अपने चुनावी भाषण के दौरान कटारा ने मतदाताओं से कहा है, ‘आपको ईवीएम पर दाहोद से भाजपा के प्रत्याशी जसवंत सिंह भाभोर और पार्टी का चुनाव चिह्न दिखेगा. प्रत्याशी और कमल निशान की तस्वीर देखकर उसके आगे बटन को दबाना है.’ अपने भाषण के दौरान कटारा ने वोटरों को किसी भी तरह की गड़बड़ी करने को लेकर भी चेताया है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा को वोट देने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इस बार मोदी साहब ने हर मतदान कक्ष में कैमरा लगवाया है.’

भाजपा MLA रमेश कटारा अपने चुनावी भाषण के दौरान यहीं नहीं रुके, बल्कि वोटरों को आधार कार्ड और ऐसे सभी तरह के पहचान पत्रों में लगी तस्वीरों के आधार पर भी चेतावनी दी. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, ‘कौन बीजेपी को वोट देता और कौन कांग्रेस को, इसकी जानकारी सबको हो सकती है. आधार कार्ड या सभी कार्ड पर अब आप लोगों की तस्वीर लगी रहती है. अगर आपके इलाके के बूथ पर कम वोट पड़े तब वह आएंगे और जिन-जिन लोगों ने वोट नहीं दिया होगा, उन्हें भविष्य में काम नहीं मिलेगा.’ भाजपा विधायक के इस बयान के चर्चा में आने के बाद एक बार फिर सबकी नजरें निर्वाचन आयोग के ऊपर टिक गई हैं. क्योंकि बीते दिनों उत्तर प्रदेश की पीलीभीत से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को भी इसी तरह का बयान देने को लेकर चुनाव आयोग ने उनके 48 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है. देखना है कि गुजरात के भाजपा विधायक के बयान को लेकर चुनाव आयोग क्या कार्रवाई करता है.