नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि उसे पश्चिम बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं है. पार्टी ने चुनाव आयोग से केंद्रीय बलों की निगरानी में राज्य में लोकसभा चुनाव कराने का आग्रह किया है. मंगलवार शाम 5 बजे बीजेपी इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगी. सोमवार को भी, भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता मतदाताओं को धमका रहे हैं. पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं रह गया है.

रविवार को चुनाव की घोषणा के ठीक बाद तृणमूल के एक मंत्री जो कि कोलकाता के मेयर भी हैं, ने कहा कि सीआरपीएफ सिर्फ दो दिनों के लिए आएगी. बाकी दिनों में लोगों को राज्य पुलिस पर ही निर्भर रहना होगा. भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कहा बीजेपी का मानना है कि टीएमसी के नेता लोगों को धमका रहे थे.

भाजपा का प्रतिनिधिमंडल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ पहले भी चुनाव आयोग से शिकायत कर चुका है. बीजेपी ने दावा किया था कि टीएमसी पार्टी की सरकार भगवा पार्टी को चुनाव संबंधी गतिविधियों से रोक रही है. बीजेपी ने चुनाव आयोग से राज्य सरकार के अधिकारियों को हटाने का भी आग्रह किया था.

इन अधिकारियों पर आरोप है कि वे टीएमसी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं. बीजेपी ने निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनात की मांग की है. भाजपा ने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य में केंद्र सरकार के अधिकारियों को धमकाया और हिरासत में लिया जा रहा है और भाजपा की रैलियों को बार-बार अनुमति देने से रोका जा रहा है.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराने का फैसला लिया गया है. इसके पीछे सबसे प्रमुख वजह सुरक्षा बलों की उपलब्धता की स्थिति है. राज्य की विपक्षी पार्टियों का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस शासनकाल में कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति के कारण सात चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया गया है. हालांकि, सत्ताधारी तृणमूल ने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य की स्थिति के बारे में चुनाव आयोग को गुमराह किया है.

पश्चिम बंगाल में 11 अप्रैल को दो, 18 अप्रैल को तीन, 23 अप्रैल को पांच, 29 अप्रैल को आठ, छह मई को सात, 12 मई को आठ और 19 मई को नौ सीटों पर मतदान कराए जाएंगे. राज्य की कुल 42 लोकसभा सीटों में से 34 पर अभी तृणमूल काबिज है. आगामी चुनावों में पार्टी ने सभी 42 लोकसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है.