नई दिल्लीः तेरह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 97 लोकसभा सीटों पर गुरुवार को होने वाले मतदान के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को समाप्त हो गया. विभिन्न सीटों पर मतदान के समय में अंतर है, इसलिए विभिन्न संसदीय क्षेत्रों के लिए चुनाव प्रचार (मदुरै को छोड़कर) अपराह्न् 3 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक के बीच में समाप्त हुआ. मदुरै में उसी दिन प्रसिद्ध कार उत्सव की वजह से मतदान रात 8 बजे तक होंगे, जिस वजह से शहर में मंगलवार को रात 8 बजे तक चुनाव प्रचार की इजाजत थी.

मतदान शुरू होने से पहले के 48 घंटे के समय को ‘मौन काल (साइलेंस पीरियड)’ कहा जाता है. इस दौरान किसी भी प्रकार की चुनाव प्रचार पर पाबंदी होती है. जैसी ही साइलेंस पीरियड की शुरुआत हुई, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, जम्मू एवं कश्मीर, मणिपुर, त्रिपुरा और पुडुचेरी के 97 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव रैलियां और बैठकें बंद हो गई.

इस बीच उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर भी प्रचार थम गया. प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों नगीना (सुरक्षित), अमरोहा, बुलंदशहर (सुरक्षित), अलीगढ., हाथरस (सुरक्षित), मथुरा, आगरा (सुरक्षित) और फतेहपुर में 18 अप्रैल को द्वितीय चरण में मतदान होगा. प्रचार के आखिरी दिन जहां बसपा प्रमुख मायावती और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव आयोग के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद प्रचार से दूर दिखें. वहीं आज मायावती की गैर मौजूदगी में उनके भतीजे आकाश आनंद ने पहली बार आगरा में मंच से भाषण देकर अपने राजनीतिक करियर का आगाज किया.

चुनाव आयोग ने सोमवार को आदित्यनाथ और मायावती को उनकी सांप्रदायिक टिप्पणियों के कारण कुछ समय के लिये किसी भी तरह के चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था . योगी पर जहां 72 घंटे का प्रतिबंध है तो वहीं मायावती पर 48 घंटे का प्रतिबंध लगाया गया है. मंगलवार को आदित्यनाथ को नगीना और फतेहपुर सीकरी में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करना था वहीं बसपा प्रमुख को आगरा में सपा बसपा और रालोद की संयुक्त रैली को संबोधित करना था. मायावती की गैरमौजूदगी में मंगलवार को उनके भतीजे आकाश आनंद ने अपने राजनीतिक कैरियर का आगाज किया और पहली बार आगरा में मंच से भाषण देकर गठबंधन प्रत्याशियों को जिताने की अपील की.