पटना: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपने पारंपरिक गढ़ उत्तर प्रदेश के अमेठी के अलावा केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने पर वामपंथी और दक्षिणपंथी सियासी दलों की ओर से रविवार को तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. भाजपा ने कहा कि अमेठी के मतदाता बीते सालों में उनके और उनके पार्टी द्वारा किए गए कामों का हिसाब मांगेंगे, इसी डर से राहुल गांधी केरल भाग गए. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, “राहुल गांधी अमेठी में असहज, असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं. इसलिए उन्होंने वायनाड सीट को अपने “एथनिक प्रोफ़ाइल” की वजह से सुरक्षित मानते हुए वहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया. रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को पानी के जहाज का कप्तान करार देते हुए कहा कि कप्तान अपने जहाज को डूबता देख भाग गया और वायनाड में शरण ले ली जहां 49.48 प्रतिशत हिंदू हैं और शेष लोग अल्पसंख्यक.

वह इतने भयभीत हैं कि दक्षिण भारत में कहीं दूर भाग गए
माकपा और भाकपा दोनों ने कहा कि वायनाड संसदीय क्षेत्र से राहुल गांधी को मैदान में उतारने के कांग्रेस के फैसले से संकेत मिलता है कि पार्टी केरल में वामपंथी पार्टी से मुकाबला करना चाहती है. पार्टी ने जोर देकर कहा कि वे उनकी हार सुनिश्चित करेंगे. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ने पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अमेठी में असहज, असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं. प्रसाद ने पटना में मीडियाकर्मियों से कहा कि सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली और अमेठी को उनके परिवार का गढ़ कहा जाता है, लेकिन वह इतने भयभीत हैं कि दक्षिण भारत में कहीं दूर भाग गए.

दक्षिण भारत जनाधार बढ़ाने की कोशिश
दरअसल, कांग्रेस ने रविवार को ऐलान किया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी चुनाव लड़ेंगे. केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में यह घोषणा की कि राहुल गांधी अमेठी के अलावा वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद राहुल ने वायनाड से लड़ने पर सहमति जताई है. इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, जहां लोकसभा की 20 सीटें हैं. इसी तरह तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं, जबकि कर्नाटक में 28 सीटें हैं.

कांग्रेस केरल में वामपंथी पार्टी से मुकाबला करना चाहती है
माकपा पोलितब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला दिखाता है कि पार्टी केरल में वामपंथी पार्टी से मुकाबला करना चाहती है. उन्होंने कहा, ”उनकी प्राथमिकता अब केरल में वाम दलों के खिलाफ लड़ना है. यह भाजपा के खिलाफ लड़ने की कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के खिलाफ है, क्योंकि केरल में एलडीएफ मुख्य ताकत है जो भाजपा से लड़ रहा है. माकपा के पूर्व महासचिव ने कहा कि उनकी पार्टी वायनाड में राहुल गांधी की हार सुनिश्चित करेगी.

अमेठी के मतदाता राहुल से हिसाब मांगेंगे
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश की एक रैली में राहुल गांधी के दो सीटों से चुनाव लड़ने पर निशाना साधा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पहली चुनावी सभा में शाह ने कहा, राहुल गांधी केरल भाग गए हैं, क्योंकि उन्हें डर है अमेठी के मतदाता उनसे हिसाब मांगेंगे.

कांग्रेस यहां क्या राजनीति खेल रही है: डी राजा
भाकपा नेता डी राजा ने भी कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. राजा ने कहा, इसका कोई मतलब नहीं है. मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि कांग्रेस यहां क्या राजनीति खेल रही है. केरल में भाजपा के लिए लड़ने के लिए कोई नहीं है. यह मुकाबला वाम पार्टी बनाम कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ है. केरल में राहुल गांधी के चुनाव लड़ने से देश को आखिर क्या संदेश मिल रहा है. उन्होंने कहा, प्राथमिकता तो भाजपा को हराना है, आखिर इस कदम से कैसे मदद मिलेगी? हम लोग इस सीट से अपने उम्मीदवार को हटाने नहीं जा रहे हैं. राहुल गांधी को देश के लोगों को जवाब देना होगा.

येचुरी ने कहा- इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं
चुनाव प्रचार के लिए तिरुवनंतपुरम आये माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि उम्मीदवारों पर फैसला करना राजनीतिक पार्टी का आंतरिक मामला होता है और किसी अन्य पार्टी को इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा, माकपा की प्राथमिकता नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है. उन्होंने कहा कि एलडीएफ केरल में जीत दर्ज करेगा. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने के कदम को वाम दलों के खिलाफ देखा जाना चाहिए न कि भाजपा के खिलाफ. उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ 23 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में उन्हें शिकस्त देगा.

पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग और भावनाओं को देखते फैसला
इस बीच कांग्रेस की अमेठी इकाई ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह जिला राहुल गांधी के लिये परिवार है. कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट से राहुल गांधी तीन बार 2004, 2009 और 2014 में सांसद चुने गए हैं. कांग्रेस की अमेठी इकाई के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग और भावनाओं को देखते हुए उन्होंने केरल में वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. अमेठी एक परिवार है और परिवार हमेशा रहता है.

भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है
घोषणा के बाद केरल के वायनाड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया और राहुल गांधी की प्रशंसा में नारे लगाते हुए मिठाइयां बांटीं. राहुल गांधी के अमेठी में बेहद मजबूत नहीं होने की भाजपा की टिप्पणी पर सुरजेवाला ने कहा, ”भाजपा इस सवाल का जवाब क्यों नहीं देती कि मोदीजी ने गुजरात क्यों छोड़ा और वाराणसी क्यों गए. क्या इसका यह मतलब है कि गुजरात में उनकी हालत खराब थी. इस तरह की अपरिपक्व चीजों पर चर्चा करने के बजाए उन्हें प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए. भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है.”

पहले दिल्ली में चांदनी चौक ने हराया, फिर अमेठी ने भगाया
राहुल के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी ने कहा, ”पहले दिल्ली में चांदनी चौक ने हराया, फिर अमेठी ने भगाया. जिस मंत्री महोदया की चर्चा कर रहे हैं, जिनको टिकट दी है, अब हार की हैट्रिक का माहौल बना है.”

यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा: सुरजेवाला
सुरजेवाला ने कहा कि वायनाड की भौगोलिक विशिष्टता अद्भुत है, क्योंकि यह तमिलनाडु के नीलगिरी और कर्नाटक के मैसूर को जोड़ता है और इन तीनों राज्यों का यहां भौगोलिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व है. कांग्रेस नेता एंटनी ने कहा कि वायनाड केरल में स्थित है लेकिन वह तमिलनाडु और कर्नाटक से भी घिरा हुआ है. उन्होंने कहा, एक तरीके से यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा.”