नई दिल्ली. चारा घोटाले के मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर 10 अप्रैल को सुनवाई से पहले सीबीआई ने एक काउंटर एफिडेविट फाइल किया है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका का विरोध किया. सीबीआई ने कहा कि जमानत मिनले के बाद लालू यादव राजनैतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं.

बता दें कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सीबीआई से इस संबंध में नौ अप्रैल तक जवाब देने को कहा था. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुये कहा कि मामले में नोटिस जारी किया गया था. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में एजेंसी को जवाब दायर करने की आवश्यकता है.

राची में बंद हैं लालू
इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेन्ट्रल जेल में बंद राजद प्रमुख ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को अपनी जमानत याचिका खारिज किये जाने को चुनौती दी है. 900 करोड़ रूपये से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में प्रसाद को दोषी ठहराया गया है. ये मामले 1990 के दशक की शुरुआत में पशुपालन विभाग के कोषागार से पैसे की धोखाधड़ी करने से संबंधित थे. उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा था. जिस समय कथित घोटाला हुआ था उस समय राजद बिहार में सत्ता में थी और लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री थे.