नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ संभव है इसलिए हम मांग करते हैं कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए वीवीपैट पर्चियों का इस्तेमाल बैलेट पैपरों की तरह किया जाना चाहिए. यहां एक सेमिनार में नायडू ने कहा कि मतदाताओं को मतदान करने के बाद वीवीपैट पर्चियों को एकत्रित करने और इसे बैलेट बॉक्स में डालने की इजाजत दी जानी चाहिए ताकि इसका इस्तेमाल मतों के मिलान के लिए किया जा सके.

उन्होंने कहा, “जैसे ही मतदाता इसे बैलेट बॉक्स में डालेंगे. उन्हें इसे बाहर ले जाने की इजाजत नहीं होगी.” मौजूदा समय में, मतदाताओं को अपना मतदान करने के बाद वीवीपैट पर्चियों और जानकारियों की पुष्टि के लिए सात सेकेंड का समय मिलता है. इसके बाद यह कनेक्टेड बॉक्स में चला जाता है. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों से पता चला है कि पैसे देकर चुनाव नतीजों को किसी के पक्ष में किया जा सकता है.

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नायडू की पार्टी ने 2014 में 175 विधानसभा सीटों में 117 में जीत दर्ज की थी. उन्होंने कहा, “भगवान जाने. लोग हमारे पास आ रहे हैं. वे कहते हैं कि अगर 5-10 करोड़ दिया जाएगा तो आप चुने जाओगे. मैंने उनसे पूछा क्या सबूत है. वे कहते हैं कि इन सब के बारे में चिंता मत कीजिए. यह धोखधड़ी है.” पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई कुरैशी ने कहा कि वीवीपैट पर्चियों को अतिरिक्त बैलेट पेपर के रूप में इस्तेमाल की सलाह पर विचार किया जा सकता है.

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उन्होंने कहा, “किसी के द्वारा वोट डालने के बाद ईवीएम मशीन 12 सेकेंड के लिए डेड हो जाता है. इसलिए बचे हुए पांच सेकेंड में ऐसा किया जा सकता है.” नायडू ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ एक बड़ी चुनौती है. इसलिए वह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहते हैं. उन्होंने कहा, “राजनीतिक पार्टियों में आत्मविश्वास होना चाहिए..इसलिए मैं बीते 10 सालों से लड़ रहा हूं. मैं इसे कल भी करना जारी रखूंगा.”

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