जयपुर: राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया में विज्ञापन देने के लिए प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के ई-पेपर में प्रकाशित किए जाने वाले विज्ञापन भी बिना सर्टिफिकेशन के जारी नहीं किए जा सकते हैं.

डॉ. जोगाराम बुधवार को राज्यभर के एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) से जुड़े अधिकारियों और सभी जिलों के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सभी अधिकारी और अधिक सजग रहकर पेड न्यूज एवं फेक न्यूज की निगरानी करें. उन्होंने उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित और प्रसारित विज्ञापनों से पूर्व प्रमाणीकरण, पेड न्यूज और फेक न्यूज को पहचानने और उससे जुड़े कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया.

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उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर किसी उम्मीदवार या प्रत्याशी के पक्ष या समर्थन में कोई भी ब्लॉग लिख सकता है लेकिन यदि वह विज्ञापन के रूप में प्रस्तुत किया जाता है तो उसका सर्टिफिकेशन कराना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसका खर्चा भी प्रत्याशी के व्यय में जोड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रकाशकों को भी निर्देश दिए जाएं कि वे चुनाव से जुड़े सभी प्रकाशनों पर मुद्रक, प्रकाशक और संख्या जरूर प्रकाशित करें.

उल्लेखनीय है कि राज्य में स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण और समावेशी मतदान के लिए सभी 33 जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एमसीएमसी कमेटी का गठन किया जा चुका है. आगामी दो अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद से कमेटी उम्मीदवारों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित समाचारों पर और अधिक कड़ी निगरानी रखेगी.