लखनऊ/नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के 23 मई को नतीजे आने से पहले गैर-भाजपा दलों के बीच एकजुटता बनाने बनाने की दिशा में भेंट-मुलाकात की कवायद शुरू हो चुकी है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की. समाजवादी पार्टी के कार्यालय में यहां उनके और अखिलेश यादव के बीच करीब 70 मिनट तक बातचीत चली. इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडूजी का लखनऊ में स्वागत करना खुशी की बात है.”

सातवां चरण: 8 राज्यों में मतदान शुरू, CM नीतीश कुमार ने वोट डाल कर कहा- इतने लंबे न चलें चुनाव

चंद्र बाबू नायडू इसके बाद मायावती के माल एवेन्यू स्थित आवास पहुंचे. बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र भी वहां मौजूद थे. मायावती ने गुलदस्ते के साथ नायडू का स्वागत किया, जबकि नायडू ने उनको एक पेटी आम का उपहार प्रदान किया. उन्होंने अखिलेश यादव को भी उपहार में आम दिए. मायावती के साथ उनकी मुलाकात एक घंटा से अधिक समय तक चली. दोनों नेताओं के के साथ अगल-अलग मुलाकता के दौरान माना जाता है कि नायडू ने दोनों नेताओं को इस के लिए मनाया होगा कि अगर भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो उसे कैसे सत्ता से दूर रखा जाए.

सोनिया गांधी ने की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं संग बैठक, संभावित त्रिशंकु संसद को लेकर बनाई रणनीति

सूत्रों ने बताया कि उन्होंने दोनों नेताओं को इस बात के लिए मनाया कि प्रस्तावित मोर्चे में उनके कद और सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा. नायडू दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लखनऊ पहुंचे थे. उन्होंने सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की और फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव से चुनाव बाद के परिदृश्य में संभावित गठबंधनों के संबंध में चर्चा करने के लिए मुलाकात की.

कर्नाटक: सरकार गिरने की बातों पर कुमारस्वामी बोले- कांग्रेस को दिया है समर्थन, रुख नहीं बदलेगा

उन्होंने मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से शुक्रवार को मुलाकात कर चुनाव के नतीजे आने के बाद गठबंधन की संभावनाओं को लेकर बातचीत की. ऐसे विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत कर, जो एक-दूसरे के साथ सहज नहीं हैं, नायडू स्पष्ट रूप से एक मध्यस्थ बन गए हैं. उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि उनके प्रतिद्वंद्वी के. चंद्रशेखर राव की अगुवाई वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सहित सभी पार्टियों का गैर-भाजपा महागठंबधन में स्वागत है.

लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com