नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता को लेकर बयान दिया है. बाबर की औलाद वाले बयान पर चुनाव आयोग द्वारा दिए गए नोटिस पर सीएम योगी ने कहा कि हम मंच पर भजन करने नहीं जाते हैं. कोई क्या भजन करने मंच पर जाता है. उखाड़ देने के लिए और अपने विरोधी को घेरने के लिए मंच पर जाते हैं. सीएम योगी ने कहा कि आपसी बातचीत को कहीं कहना आचार संहिता में नहीं आता है.

वोट कटवा की भूमिका में सपा-बसपा-कांग्रेस
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में सीएम योगी ने अमेठी और गठबंधन को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने प्रियंका गांधी की सभा में सपा के लोगों की मौजूदगी पर कहा कि सपा-बसपा ने अमेठी और रायबरेली में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं. ये सभी पार्टियां एक दूसरी जगहों पर वोट कटवा की भूमिका में हैं. ये जीत के लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि वोट काटने के लिए लड़ रहे हैं.

अमेठी ने स्मृति ईरानी ने बहुत काम किया
सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी जितना काम अमेठी में नहीं किया है. स्मृति ईरानी विकास के कार्यों को अमेठी में ले गईं. अमेठी के लोग बदलाव चाहते हैं. और स्मृति ईरानी बदलाव का एक विकल्प हैं. योगी ने कहा कि बीजेपी लोगों की उम्मीद है. कांग्रेस पिछली चार पीढ़ियों से अमेठी और रायबरेली के लोगों को निराश करती आ रही है. स्मृति ईरानी ने अमेठी के लिए जो पांच साल में किया है, वो पिछले 15 सालों में राहुल गांधी नहीं कर पाए हैं. अमेठी और रायबरेली दोनों ही सीटों पर बीजेपी को जीत मिलेगी.

अखिलेश-माया और गठबंधन पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर सीएम योगी ने कहा कि जब अखिलेश और मायावती एक साथ मंच पर बैठे तो मायावती की कुर्सी बड़ी थी और अखिलेश की छोटी. जब अखिलेश मायावती से मिलने गए तो उन्हें जूते कमरे के बाहर उतारने पड़े. ये हाल है. सीएम योगी ने महागठबंधन को लेकर कहा कि पीएम बनने के लिए 272 सीटों की ज़रूरत होगी. और इतनी सीट पाने की क्षमता सिर्फ बीजेपी में ही है. जो 37-38 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, क्या वे प्रधानमंत्री बन सकते हैं.

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