नई दिल्लीः दिल्ली और आसपास के राज्यों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन पर बातचीत संभवतः टूट गई है. तभी तो दोनों दलों के शीर्ष नेता एक दूसरे पर खुलेआम आरोप लगा रहे हैं. राजधानी में संभावित गठबंधन को लेकर पहली बार कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर अपनी बात रखी. राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में आप को चार सीटें देने को तैयार है लेकिन अब केजरीवाल ने एक बार फिर यू-टर्न ले लिया है. राहुल ने कहा कि दिल्ली में आप और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन का मकसद भाजपा को हराना है. लेकिन अब समय निकल गया है. दूसरी तरफ, राहुल के इस ट्वीट के जवाब में केजरीवाल ने भी एक ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली की सात नहीं आसपास की 18 सीटों पर भाजपा को मात देने की रणनीति बनाना चाहती थी लेकिन अफसोस की कांग्रेस इसको समझ नहीं सकी.

केजरीवाल ने कहा कि यू-टर्न की बात कहां से आ गई. अभी तो बातचीत चल रही थी. उन्होंने सीधे राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है. मुझे दुख है आप बयानबाजी कर रहे हैं.

केजरीवाल ने आगे कहा कि आज देश को मोदी-शाह के ख़तरे से बचाना अहम है. दुर्भाग्य कि आप यूपी और अन्य राज्यों में भी मोदी विरोधी वोट बांटकर मोदी की मदद कर रहे हैं. इसी कारण कांग्रेस पार्टी भाजपा को चार सीटें दे रही है.

हालांकि राहुल ने इस ट्वीट की भाषा संयमित रखते हुए कहा है कि उनकी तरफ से अब भी दरवाजे खुले हैं, लेकिन अब समय तेजी से निकल रहा है. उन्होंने ट्वीट के साथ हैशटैग लगाया है #AbAAPkiBaari. दरअसल, आप दिल्ली के साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और गोवा में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन के पक्ष में है, लेकिन कांग्रेस पार्टी उसके साथ केवल दिल्ली में गठबंधन चाहती है.