नई दिल्‍ली/ हैदराबाद: कांग्रेस नीत यूपीए एग्‍ज‍िट पोल में अपनी संभावित विफलता के बावजूद प्‍लान बी के तहत सत्‍ता तक पहुंचने के लिए एक बड़ा कदम उठाया, हालांकि, इस कोशिश मेंं कांग्रेस नीत गठबंधन को अभी शुरुआती नाकामी मिली है. त्रिशंकु संसद बनने की उम्‍मीद लगाए कांग्रेस आलाकमान ने महाराष्‍ट्र के ताकतवर मराठा नेता व एनसीपी प्रमुख शरद पवार के जरिए तेलंगाना राष्‍ट्र समिति के प्रमुख के चन्द्रशेखर राव को साधने की कोशिश की. माना जा रहा है कि पवार ने टीआरएस प्रमुख से संपर्क करके यूपीए के लिए समर्थन मांगा है, लेकिन अभी तक उन्‍हें इसमें सफलता हासिल नहीं हुई है. चंद्रशेखर राव की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्र‍िया भी नहीं आई है. टीआर प्रमुख का रुख जाहिर कर रहा है कि वह वेट एंड वॉच की नीति अपनाए हुए हैं और केंद्र में आने वाली सरकार से बेहतर रिश्‍ते रखना चाहते हैं.

टीआरएस के एक नेता की बातचीत से साफ जाहिर है कि चंद्रशेखर राव चुनाव प‍र‍िणाम तक अपने पत्‍ते खोलना नहीं चाहते हैं. वहीं, कांग्रेस एग्‍ज‍िट पोल के नतीजों के बीच गैर बीजेपी सरकार की संभावनाओं को लेकर उम्‍मीद लगाए हुए है और वह कई दलों से समर्थन हासिल करने के लिए हर कोशिश करना चाहती है. जबकि टीआरएस के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को लगता है कि एनडीए की सरकार आएगी.

टीआरएस नेता का एनडीए को बहुमत वाला बयान बेहद सधा हुआ नजर आ रहा है और कई संभावनाओं के मद्देनजर बेहद अहम भी है. बता दें कि लोकसभा चुनाव के पूर्व टीआरएस, टीएमसी जैसी पार्ट‍ियां गैर कांग्रेस और गैर बीजेपी सरकार को लेकर अलग मोर्चे के लिए कवायद करते रहे हैं. ऐसे में ये दल तुरंत कांग्रेस नीत यूपीए को समर्थन आसानी से नहीं देने वाले हैं.

टीआरएस एग्‍जिट पोल के संभावित परिणाम के चलते एनडीए से नाराजगी लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है और पार्टी के नेता के बयान से एक बात और भी साफ हो रही है कि टीआरएस अपनी शर्तों पर एनडीए को कम पड़ने वाले सांसदों की संख्‍या बल के लिए समर्थन भी दे सकती है.

टीआरएस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को लगता है कि राजग की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि यह (एनडीए) हो सकता है कि एग्जिट पोल की भविष्यवाणी के करीब न हो. इसमें कुछ सीटें कम हो सकती हैं, लेकिन यह सरकार बनाएगा. लोगों का मूड राजग की ओर है. हमें यह स्वीकार करना चाहिए. टीआरएस मुद्दों के आधार पर समर्थन और विरोध की बात कहकर अभी अपने पत्‍ते खुला नहीं करना चाहती है. टीआरएस नेता ने साफ कहा, “वे (भाजपा) टीआरएस के बजाय कुछ अन्य दलों को लुभाने की कोशिश करेंगे. यह पूछने पर कि राजग के सरकार बनाने पर टीआरएस उससे संपर्क करेगी, नेता ने कहा पार्टी का रुख ऐसा ही रहेगा. मुद्दों के आधार पर उसका समर्थन और विरोध किया जाएगा. (इनपुट: एजेंसी)