बेंगलुरू. लोकसभा चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल के अनुमानों ने 23 मई की मतगणना से पहले ही सियासी हलचलें बढ़ा दी हैं. केंद्र में सरकार बनाने को लेकर जहां एक तरफ राजग के सहयोगी दल की बैठक की योजना बन रही है, विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशें की जा रही हैं. वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेताओं में अभी से ‘हार का डर’ घर कर रहा है. यही वजह है कि कांग्रेस के नेता पार्टी छोड़ने के संकेत देने लगे हैं. ताजा उदाहरण कर्नाटक का है, जहां कांग्रेस के एक नेता ने केंद्र में भाजपा के दोबारा लौटने पर पार्टी से इस्तीफा देने का संकेत दिया है. यही नहीं, मुस्लिम समुदाय के इस नेता ने तो मुसलमानों से भी भाजपा के साथ जुड़ने की अपील की है.

कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोशन बेग ने एग्जिट पोल में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के अनुमान के मद्देनजर सोमवार को पार्टी छोड़ने के संकेत दिए. उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सरकार में लौटने की स्थिति में मुस्लिम समुदाय से समझौता करने का निवेदन भी किया. बेग ने मीडिया को संबोधित करते हुए यहां कहा, ‘‘यदि राजग सरकार में लौटता है तो मैं विनम्रता से मुस्लिम भाइयों से अनुरोध करता हूं कि वे परिस्थिति से समझौता करें.’’

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यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब मुसलमानों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हाथ मिला लेना चाहिए, बेग ने कहा कि यदि जरूरत पड़ती है तो जरूर. कांग्रेस ने राज्य में सिर्फ एक मुसलमान को टिकट दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘यदि जरूरत पड़ती है तो मुसलमानों को जरूर हाथ मिलाना चाहिए. हमें किसी एक पार्टी का वफादार नहीं बने रहना चाहिए. कर्नाटक में मुसलमानों के साथ क्या हुआ? कांग्रेस ने सिर्फ एक टिकट दी.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह आने वाले दिनों में कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लेंगे, बेग ने कहा कि यदि जरूरत हुई तो जरूर.

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लोकसभा चुनाव के सात चरणों के मतदान के बाद बीते रविवार की शाम को विभिन्न समाचार माध्यमों और एजेंसियों ने एग्जिट पोल के अपने अनुमान जारी किए थे. अधिकतर एग्जिट पोल के अनुमानों में केंद्र में भाजपानीत राजग सरकार के दोबारा सत्ता में लौटने के आसार जताए गए हैं. इन अनुमानों को देखते हुए केंद्र की सत्ता को लेकर चल रही कवायद तेज कर दी गई है. सत्तापक्ष और विपक्षी पार्टियों के नेता लगातार अपने समर्थक दलों के साथ बैठकें कर रहे हैं. लेकिन इस बीच कर्नाटक कांग्रेस से आई यह खबर, विरोधी दलों के बीच लोकसभा चुनाव के परिणाम के प्रति छाई निराशा के संकेत दे रही है.

(इनपुट – एजेंसी)