बेंगलुरु: कर्नाटक के एक और कांग्रेसी विधायक के. सुधाकर ने बुधवार को सवाल उठाया कि ईवीएम में कथित हेरफेर का मुद्दा क्यों लोकसभा चुनावों पर एग्जिट पोल के अनुमान आने के बाद उठाया जा रहा है. सुधाकर का रुख कांग्रेस के रुख के विपरीत है, जो गुरुवार को होने वाले मतदान से पहले ईवीएम में कथित छेड़छाड़ की आशंका को लेकर दूसरे विपक्षी दलों के सुर में सुर मिला रही है.

कांग्रेस विधायक की यह टिप्पणी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रोशन बेग की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने राज्य नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव को फ्लॉप शो करार दिया था और पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल को मसखरा बताया.

इस दक्षिणी राज्य में कांग्रेस-जद(एस) के बीच हुए गठबंधन को लेकर अपनी शिकायतों को मुखरता से व्यक्त करने वाले सुधाकर ने मंगलवार रात ट्वीट कर कहा कि एग्जिट पोल और ईवीएम से छेड़छाड़ दो अलग-अलग चीजें हैं.

चिक्काबल्लापुरा के विधायक ने ट्वीट किया, ”व्यक्तिगत रूप से मैं थोड़ा भ्रमित हूं कि क्यों ईवीएम में छेड़छाड़ का मुद्दा एग्जिट पोल के नतीजों पर चर्चा के दौरान बातचीत में लाया जा रहा है. जबकि वास्तव में एग्जिट पोल के नतीजे चुनावों के बाद मतदाताओं की भावना का संकेत देते हैं.” बाद में सुधाकर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि एग्जिट पोल का ईवीएम में छेड़छाड़ से कुछ लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ एग्जिट पोल के बारे में बात की क्योंकि कुछ लोगों की उन्हें लेकर अलग राय है. मैंने कहा कि इसका ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर कुछ लेना देना नहीं है. क्योंकि एग्जिट पोल चुनाव के दिन किए जाते हैं.