नई दिल्लीः दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर लंबे समय से चली आ रही ऊहापोह की स्थिति के बीच पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तथा दिल्ली कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान आप के साथ तालमेल को लेकर एक बार फिर दो राय सामने आई. चुनाव की घोषणा के दो सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अब तक पार्टी ने गठबंधन को लेकर फैसला नहीं किया है. इससे कार्यकर्ताओं और संभावित उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति है. उन्हें नहीं पता है कि पार्टी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर चुनाव लड़ेगी या फिर वह दो-तीन सीटों पर ही उम्मीदवार उतार पाएगी.

सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित तथा कुछ अन्य नेताओं ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने के रुख को दोहराया तो पूर्व अध्यक्ष अजय माकन, सुभाष चोपड़ा और कुछ अन्य नेताओं ने गठबंधन की पैरवी की.

बैठक में शामिल एक नेता ने बताया कि मुलाकात के दौरान कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने प्रदेश में पार्टी के 12 जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और तीन नगर निगमों में पार्टी के पार्षदों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र भी गांधी को सौंपे जिनमें गठबंधन की पैरवी की गई है. गौरतलब है कि दिल्ली की सभी सातों सीटों पर एक चरण में मतदान होगा. दिल्ली में छठे चरण में 12 मई को मतदान होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.

इस बीच, दिल्ली की सभी सात सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी आम आदमी पार्टी ने अब 5:2 का फॉर्मूला सुझाया है. बताया जा रहा है कि वह कांग्रेस को दो सीटें देने को तैयार है. लेकिन कांग्रेस के नेता 3:3:1 के फॉर्मूले पर जोर दे रहे हैं. इसके तहत तीन-तीन सीटों पर दोनों पार्टियां लड़ेंगी. एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार उतारा जाएगा.