नई दिल्ली. बिहार के बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) को दिल्ली की एक अदालत का फैसला सुकून देने वाला लग सकता है. क्योंकि अदालत ने उनके खिलाफ JNU राजद्रोह मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति पर फैसला लेने के लिए दिल्ली सरकार को लोकसभा चुनाव के काफी बाद तक का समय दे दिया है. दिल्ली की एक अदालत ने 2016 जेएनयू राजद्रोह मामले (JNU Treason Case) में विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति पर फैसला लेने के लिए आप सरकार को 23 जुलाई तक का समय दिया है. Also Read - 'Toolkit' Case: कोर्ट ने पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने दिल्ली की आप सरकार को 23 जुलाई तक का समय दिया. सरकार ने पहले अदालत से कहा था कि अनुमति देने के लिए किसी निर्णय तक पहुंचने में एक महीने से अधिक का समय लगेगा. पुलिस ने इस साल 14 जनवरी को कन्हैया कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. इसमें पुलिस ने कहा था कि वह 9 फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में निकाले गए जुलूस का नेतृत्व कर रहा था और उसने राजद्रोही नारों का समर्थन किया था. Also Read - क्या Nitish Kumar की JDU में शामिल होंगे Kanhaiya Kumar, जानें क्यों तेज हुईं अटकलें...

कन्हैया वर्तमान में बेगूसराय लोकसभा सीट से भाकपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ मैदान में भाजपा के नेता गिरिराज सिंह हैं. दिल्ली सरकार ने बीते पांच अप्रैल को अदालत से कहा था कि पुलिस ने 2016 के जेएनयू राजद्रोह मामले में ‘‘जल्दबाजी’’ में और ‘‘गुपचुप’’ तरीके से आरोपपत्र दायर किया है. अदालत ने इससे पहले राज्य सरकार को ‘उचित जवाब’ देने का निर्देश दिया था. Also Read - Republic Day Violence: अदालत ने Deep Sidhu को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा