भोपाल: लोकसभा चुनाव 2019 में एमपी में बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली भोपाल सीट में सियासी संग्राम तेज हो चला है. कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम दिग्‍व‍िजय सिंह की उम्‍मीदवारी घोषित होने के बाद बीजेपी अभी तक अपना उम्‍मीदवार घोषित नहीं कर पाई है, लेकिन कांग्रेस के सीनियर नेता ने शिवराज सिंह चौहान के चुनावी मैदान में उतारे जाने के कयासों के बीच बीजेपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री पर तेज हमले शुरू कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने कार्यकाल के 10 साल और बीजेपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान के 15 साल के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यो सहित अन्य मसलों पर भाजपा के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष को खुली बहस की चुनौती दी है.

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भोपाल संसदीय क्षेत्र से दिग्विजय सिंह को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से बीजेपी और शिवराज द्वारा दिग्विजय को ‘बंटाधार रिटर्न्‍स’ कहा जा रहा है तो भाजपा की टिप्पणियों का दिग्विजय सिंह ने अपने ही अंदाज में जवाब दे रहें हैं. सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज को खुली चुनौती है कि वे अपने 15 साल के शासनकाल और मेरे 10 साल के कार्यकाल पर खुली बहस कर लें.

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चुनौती स्वीकारें, आखिर भागते क्यों हैं?
भाजपा और शिवराज द्वारा ‘मिस्टर बंटाधार’ कहे जाने पर सिंह ने कहा, “मुझे बंटाधार कहा जाता है, मैं शिवराज से कहता हूं कि सामने आइए और अपने 15 साल व मेरे 10 साल पर चर्चा कर लें. बहस की चुनौती स्वीकारें, आखिर भागते क्यों हैं?”

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चुनौती का सामना करना मेरा स्वभाव
दिग्विजय ने कहा, “चुनैाती का सामना करना मेरा स्वभाव है. इस बार की चुनौती मैंने इसलिए स्वीकार की है, क्योंकि यह चुनाव भारतीय संस्कृति, परंपराओं, सत्य-अहिंसा के रास्ते पर ले जाने वालों और झूठे, जुमलेबाजों व नफरत फैलाने वालों के बीच है.”

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पटवा व वर्मा ने आरोप वापस लिए, उमा एक भी प्रमाणित नहीं कर पाईं
कांग्रेस नेता ने कहा, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन को भ्रष्टाचार के आरोप से दूर रखा. यही कारण है कि जब भी मुझ पर भ्रष्टाचार के भाजपा नेताओं की ओर से आरोप लगाए गए, चाहे सुंदरलाल पटवा रहे हों, विक्रम वर्मा हों या उमा भारती, तो उन्हें आरोप प्रमाणित करने के लिए अदालत में मजबूर किया. पटवा व वर्मा ने अपने आरोप वापस लिए और मुझे मेरी ईमानदारी व निष्ठा का प्रमाणपत्र दे दिया. उमा भारती आजतक एक भी आरोप प्रमाणित नहीं कर पाई हैं.”

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भाजपा सरकार मेरे खिलाफ फाइलें खुलवाती रही
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, “बीते 15 साल में भाजपा सरकार मेरे खिलाफ फाइलें खुलवाती रही, कुछ सामने आया तो वह था विधानसभा की कुछ नियुक्तियां जो कैबिनेट के फैसले से हुई थी. आरोप लगाए जाते थे कि सिगरेट की पर्ची पर नियुक्तियां हुई हैं, मगर सामने एक भी नहीं आई.”

मैंने शिवराज पर आरोप लगाए, मुझ पर करें मानहानि का केस
सिंह ने शिवराज के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, “व्यामपं, नर्मदा नदी के अवैध खनन, ई-टेंडरिंग घोटाला, पोषण आहार घोटाला सहित कई ऐसे घोटाले हैं, जिसमें चौहान और उनका परिवार शामिल था. इन घोटालों को लेकर मैंने शिवराज पर आरोप लगाए और उन्हें चुनौती दी थी कि अगर साहस हो तो न्यायालय में जाकर मानहानि की याचिका दायर करके दिखाएं, मगर साहस नहीं जुटा पाए.”

प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ का आभारी हूं
एमपी में कांग्रेस पार्टी से मुख्‍यमंत्री रहे सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के आभारी हैं, जिन्होंने भोपाल से चुनाव लड़ने का मौका दिया. भोपाल वह संसदीय क्षेत्र है, जहां से पूर्व राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा जैसे राजनेताओं ने नेतृत्व किया है. नया भोपाल बनाने की नींव डॉ. शर्मा ने रखी, भोपाल को राज्य की राजधानी बनाया. बीएचईएल डॉ. शर्मा लाए. मौजूदा भोपाल को बनाने में डॉ. शर्मा का बड़ा योगदान है.

सिंह ने कहा कि वे तो राजगढ़ से चुनाव लड़ना चाहते थे
राज्य में कांग्रेस की सबसे कमजोर सीट पर चुनाव लड़ाए जाने की वजह का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि वे तो राजगढ़ से चुनाव लड़ना चाहते थे, यह बात उन्होंने राहुल गांधी से भी कही थी. साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा से उन्हें अवगत कराया था कि वे चाहते हैं कि कांग्रेस की कमजोर सीट से लड़ना चाहिए.