नई दिल्ली. पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने और इसके बाद नामांकन रद्द होने से चर्चा में आए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) ने सोमवार को निर्वाचन आयोग के उस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी. इसमें वाराणसी लोकसभा सीट से उसकी उम्मीदवारी रद्द किए जाने को चुनौती दी गई है. वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम नरेंद्र मोदी चुनाव ने 26 अप्रैल को नामांकन पत्र दाखिल किया था. इस सीट पर लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण यानी 19 मई को वोट डाले जाने हैं.

बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने जवानों को दिए जाने वाले भोजन के बारे में शिकायत करते हुए एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया था जिसके बाद 2017 में उसे बल से से बर्खास्त कर दिया गया था. सपा ने तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया है. बहरहाल, निर्वाचन अधिकारी ने यादव का नामांकन पत्र यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने वह प्रमाणपत्र जमा नहीं किया जिसमें यह स्पष्ट किया गया हो कि उसने भ्रष्टाचार या विश्वासघात की वजह से बर्खास्त नहीं किया गया.

तेज बहादुर यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि आयोग का निर्णय भेदभावपूर्ण और अतार्किक है तथा इसे खारिज किया जाना चाहिए. सपा ने शुरू में मोदी के खिलाफ शालिनी यादव को टिकट दिया था लेकिन बाद में उसने प्रत्याशी बदल कर, बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया. तेजबहादुर का पर्चा खारिज होने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला. इसी क्रम में तेजबहादुर ने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को ले जाएगा.

(इनपुट – एजेंसी)