चेन्नई. लोकसभा चुनाव अभी समाप्त भी नहीं हुआ है. एक चरण का मतदान बाकी है, लेकिन केंद्र में गैर-भाजपा या गैर-कांग्रेस सरकार बनने की संभावनाएं धूमिल पड़ने लगी हैं. ऐसे संकेत मंगलवार को तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी DMK के नेता स्टालिन ने दिए हैं. हालांकि एक दिन पहले तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (TRS) के नेता और राज्य के सीएम के. चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामाराव ने दावा किया था कि इस बार केंद्र में क्षेत्रीय पार्टियां ही सरकार बनाएंगी. लेकिन मंगलवार को डीएमके नेता स्टालिन के बयान से एक बार फिर लोकसभा चुनाव के बाद तीसरे मोर्चे के गठन के मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा है.

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दरअसल, द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि क्या देश में कोई गैर-कांग्रेस या गैर-भाजपा तीसरा मोर्चा केंद्र की सत्ता में आ सकता है या नहीं. स्टालिन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब टीआरएस नेता के. चंद्रशेखर राव से एक दिन पहले ही उनसे मुलाकात की है. स्टालिन अब इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं. स्टालिन ने दोहराया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से सोमवार को उन्होंने महज एक शिष्टाचार मुलाकात की थी.

संवाददाताओं से यहां बात करते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि तीसरा मोर्चा बनेगा या नहीं. यह 23 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही पता चलेगा. उन्होंने कहा कि राव मंदिरों में दर्शन करने के लिए तमिलनाडु आए थे और उनसे (स्टालिन से) मिलना चाहते थे. स्टालिन ने कहा कि राव तीसरे मोर्चे के गठन के सिलसिले में उनसे नहीं मिले. राव ने सोमवार को यहां स्टालिन के साथ एक घंटे की बैठक की, लेकिन ऐसे संकेत मिले कि उनके गैर भाजपा, गैर कांग्रेस गठबंधन के प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं बनी.

(इनपुट – एजेंसी)