नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान में अभी तीन दिन शेष है. इससे पहले ही चुनाव पूर्व अनुमानों को लेकर आने वाले एक्जिट पोल (Exit Poll) के प्रकाशन पर निर्वाचन आयोग लगातार नजर रखे हुए है. बीते दिनों एक्जिट पोल जारी करने को लेकर कुछ मीडिया संस्थानों को नोटिस भेजे जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसी तरह की गतिविधि को लेकर आयोग ने फिर सक्रियता दिखाई है. निर्वाचन आयोग ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट टि्वटर पर एक सोशल मीडिया यूजर द्वारा जारी किए गए एक्जिट पोल को हटाने का आदेश दिया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि चुनाव आयोग ने उस यूजर को इस संबंध में निर्देश कैसे दिए हैं. लेकिन चुनाव आयोग ने ट्विटर को एक्जिट पोल संबंधी एक ट्वीट को संभवत: हटाने को कहा है.

इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बीते बुधवार को बताया कि चुनाव आयोग ने यह कदम एक “शिकायत” मिलने के बाद उठाया है. साथ ही बताया कि यूजर ने बाद में ट्वीट हटा लिया. हालांकि सूत्रों ने शिकायत के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी. एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया “चुनाव आयोग की ओर से ऐसा कोई आदेश आज जारी नहीं किया गया है. हमें बस एक मामले की जानकारी दी गई थी जिसे यूजर ने खुद ही हटा लिया था.” इससे एक दिन पहले ही चुनाव आयोग ने तीन मीडिया आउटलेट को लोकसभा चुनावों के “नतीजों का अनुमान” जताने वाले सर्वेक्षण का कथित तौर पर प्रकाशन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

आपको बता दें कि चुनाव आचार संहिता को लेकर निर्वाचन आयोग लगातार सक्रियता बनाए हुए है. एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद आयोग ने अंतिम चरण के मतदान से पहले ही राज्य में किसी भी तरह की चुनावी सभा के आयोजन पर रोक लगा दी है. अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होना है. इसके मद्देनजर पश्चिम बंगाल समेत सभी 8 राज्यों में 17 मई की शाम 5 बजे तक चुनाव प्रचार होना था. लेकिन मंगलवार को कोलकाता में हुई हिंसा की घटना के बाद चुनाव आयोग ने 16 मई की रात 10 बजे के बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है. हालांकि 16 मई को बंगाल में पीएम मोदी की दो रैलियों को मंजूरी देने को लेकर विपक्षी दलों ने आयोग के निर्णय की आलोचना भी की है.

(इनपुट – एजेंसी)