नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के सातों चरणों के मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाने या इसके रख-रखाव में गड़बड़ियों के आरोप से निर्वाचन आयोग परेशान हो गया है. बीते मंगलवार को इस मामले को लेकर 20 से ज्यादा विपक्षी दलों ने बैठक भी की और आयोग से मतगणना तक ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. इस बीच देश के विभिन्न राज्यों से ईवीएम से जुड़ी गड़बड़ी की सूचना और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने से यह मुद्दा और गर्मा गया. चुनाव आयोग ने हालांकि मतदान के बाद ईवीएम को मतगणना स्थलों तक पहुंचाने में गड़बड़ी और उनके दुरुपयोग को लेकर विभिन्न इलाकों से मिली शिकायतों को शुरुआती जांच के आधार पर गलत करार दिया. आयोग ने दावे के साथ कहा कि मतदान में प्रयोग की गयी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें ‘स्ट्रांग रूम’ में पूरी तरह से सुरक्षित हैं. लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों का अंबार देख, आयोग के दिल्ली स्थित मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाने का निर्णय लिया गया.

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निर्वाचन आयोग ने ईवीएम संबंधी शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए मंगलवार को एक नियंत्रण कक्ष (EVM Control Room) बनाया, जिसने मंगलवार को काम करना शुरू भी कर दिया. आयोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, निर्वाचन सदन से संचालित कंट्रोल रूम चुनाव परिणाम आने तक 24 घंटे कार्यरत रहेगा. इसके जरिए ईवीएम की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को सात चरण में संपन्न हुए मतदान के बाद 23 मई को सुबह आठ बजे से मतगणना होगी. इससे पहले, आयोग ने मतदान में इस्तेमाल की गई मशीनें, 23 मई को हो रही मतगणना से पहले नई मशीनों से बदलने के आरोपों और शिकायतों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया. विभिन्न इलाकों से इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद आयोग ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है. इसके जरिए सभी लोकसभा क्षेत्रों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मशीनों के रखरखाव संबंधी शिकायतों पर सीधे कंट्रोल रूम से जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

कंट्रोल रूम से ही देशभर में बनाए गए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की निगरानी की जाएगी. सभी स्ट्रांग रूम को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है. निर्वाचन सदन से संचालित कंट्रोल रूम से जुड़े कैमरों की मदद से स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों के रखरखाव और मतगणना के लिए इन्हें ले जाने पर सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. मतगणना के दौरान भी उम्मीदवारों की ईवीएम संबंधी शिकायतों पर कंट्रोम रूम से ही कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी में मशीनों को मतगणना केन्द्रों तक ले जाने में और उनके रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लिया था. इन राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट ली गई थी.

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निर्वाचन आयोग द्वारा ईवीएम से जुड़ी शिकायतों की जांच में पाया गया कि जिन मशीनों के बारे में शिकायत की गई है, वे रिजर्व मशीनें थीं. इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था. मतदान के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी होने पर उन्हें रिजर्व मशीनों से बदला जाता है. आयोग ने इन आरोपों के बारे में टेलीविजन और सोशल मीडिया में चल रहे वीडियो को गलत बताते हुए कहा कि इनमें दिखाई गई मशीनें मतदान में प्रयुक्त मशीनें नहीं हैं. आयोग ने झांसी में शिकायत की जांच के बाद स्थानीय निर्वाचन अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम और वीवीपेट को व्यवस्थित रूप से सील करने के बाद मतगणना केन्द्रों पर बने स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है. इन जगहों पर केन्द्रीय पुलिस बल के जवान तैनात हैं. स्ट्रांग रूम को उम्मीदवार और उनके निर्धारित प्रतिनिधि कभी भी देख सकते हैं.’’

(इनपुट – एजेंसी)