नई दिल्ली: चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिये तैनात किये गये विशेष पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है. आयोग ने चुनाव खर्च की अधिकता के लिहाज से 120 संवेदनशील संसदीय क्षेत्रों की पहचान भी कर ली है. उल्लेखनीय है कि आयोग ने पहली बार चुनाव खर्च पर निगरानी के लिये विशेष पर्यवेक्षक तैनात किये हैं.

इसके तहत पिछले सप्ताह राजस्व सेवा के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को महाराष्ट्र और तमिलनाडु के लिये विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अगले एक सप्ताह में विशेष पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाई जायेगी. चुनाव में मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिये इस्तेमाल किये जाने वाले कालेधन, शराब, मादक दृव्य और अन्य वस्तुओं के अवैध वितरण पर रोक लगाने के लिये लगभग 800 निगरानी दल गठित किये गये हैं. विशेष पर्यवेक्षकों को इन निगरानी दलों के काम पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

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चुनाव खर्च पर निगरानी रखने वाले पर्यवेक्षकों के रूप में राजस्व सेवा की विभिन्न इकाईयों के अधिकारियों की तैनाी की जाती है. आयोग ने चुनाव खर्च सीमा के उल्लंघन के लिहाज से पूरे देश में 120 संसदीय क्षेत्रों की पहचान की है. साथ ही राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से ऐसे संसदीय क्षेत्रों की पहचान जारी रखते हुये इनकी संख्या बढ़ने पर आयोग को इससे अवगत कराने को कहा है. खर्च की अधिकता वाले संसदीय क्षेत्र तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड शामिल हैं.