भोपाल: चुनाव आयोग ने एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, बाबरी मस्जिद पर की टिप्पणियों के लिए बीजेपी उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर पर 72 घंटे तक प्रचार करने से रोक लगाई है. बीजेपी उम्‍मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने विवादास्‍पद बाबरी ढांचा को ढहाने को लेकर एक बयान दिया था. प्रज्ञा ने बीते 18 अप्रैल को भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में मुंबई एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे पर जेल में यातना देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि मैंने करकरे को सर्वनाश होने का श्राप दिया था और इसके सवा माह बाद आतंकवादियों ने उन्हें मार दिया. हालांकि, इस बयान के एक दिन बाद चारों तरफ से आलोचना होने के बाद प्रज्ञा ने अपना बयान वापस ले लिया था और माफी मांग ली थी.

चुनाव आयोग ने कहा कि हालांकि प्रज्ञा ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अपने बयान के लिए माफी मांगी थी, लेकिन इस बयान को “अनुचित” पाया गया है. प्रतिबंध दो मई (गुरुवार) सुबह छह बजे से लागू होगा.

मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से बीजेपी की उम्मीदवार बनाए जाने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने एक और विवादित बयान दिया था. उन्‍होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर उन्हें गर्व है.  ठाकुर ने एक टीवी चैनल से कहा था, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं. हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया.”

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, “हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे. ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है. वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे.” 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रहीं हैं. इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर हैं.