नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी उस कथित टिप्पणी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार ने एक नया कानून बनाया है, जिसके तहत आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है. आयोग ने 23 अप्रैल को मध्य प्रदेश के शहडोल में दिए गए गांधी भाषण का हवाला देते हुए कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान राजनीतिक विरोधियों पर ‘असत्यापित’ आरोप लगाने पर रोक लगाते हैं. Also Read - पश्चिम बंगाल में बोले जेपी नड्डा, बहुत जल्द लागू होगा नागरिकता संशोधन कानून

आयोग ने गांधी को नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया है. इस अवधि में जवाब नहीं देने की सूरत में आयोग अपनी तरफ से कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा. भाजपा के दो कार्यकर्ताओं ने आयोग से शिकायत की थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव आयोग को यह शिकायत मध्यप्रदेश भाजपा के नेता ओम पाठक और नीरज ने की थी. Also Read - Bihar Polls 2020: बिहार चुनाव में गठबंधन 4, लेकिन मुख्यमंत्री पद के हैं ये 6 दावेदार

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष ने बीते दिनों शहडोल में एक जनसभा को संबोधित किया था. इस चुनावी सभा में राहुल गांधी ने था, ‘अब नरेंद्र मोदी ने एक कानून बनाया है. जनजातियों के लिए एक नया कानून बनाया गया है, जिसमें एक पंक्ति लिखी हुई है कि अब जनजातियों पर हमले किए जाएंगे, आपकी जमीन ली जाएगी. आपका वन लिया जाएगा, आपका पानी छीना जाएगा.’ Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- 6 सालों में हुए चौतरफा काम, अब बढ़ा रहे हैं उसकी गति और दायरा

(इनपुट – IANS)