नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने देश में सभी दृष्टिबाधित मतदाताओं को 11 अप्रैल से शुरु हो रहे लोकसभा चुनाव से पहले ब्रेल लिपि वाले फोटोयुक्त मतदाता पहचानपत्र (ईपीआईसी) देने का फैसला किया है. चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को इस बारे में जारी निर्देश में 17वीं लोकसभा और चार राज्यों, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम के विधानसभा चुनाव से पहले सभी दृष्टिबाधित मतदाताओं को ब्रेल युक्त ईपीआईसी जारी करने को कहा है.

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आयोग के अवर सचिव रीतेश सिंह द्वारा 19 मार्च को जारी निर्देश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये सभी वर्गों खासकर दिव्यांग मतदाताओं का मत प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों के तहत यह पहल की गयी है. इसके लिये दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में आने वाली सभी बाधाओं को यथासंभव दूर करने के लिये, यातायात की सुविधा, मतदान केन्द्र पर रेंप, व्हील चेयर और मतदान प्रक्रिया में मदद के लिये सहायक उपलब्ध कराने के अलावा दृष्टिबाधित मतदाताओं को ब्रेल युक्त ईपीआईसी देने की पहल पहली बार की गयी है.

उल्लेखनीय है कि आयोग के मतदाताओं की संख्या से जुड़े ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल 89.6 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में दिव्यांगों की संख्या 45.63 लाख है. इनमें लगभग 28 लाख पुरुष, लगभग 17 लाख महिला और 1589 किन्नर दिव्यांग मतदाता हैं. आयोग ने सभी राज्यों से कहा है कि 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरण में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले ही दृष्टिबाधित मतदाताओं को पुराने ईपीआईसी के नंबर पर ही नए ब्रेलयुक्त ईपीआईसी वितरित कर दिये जाएं. साथ ही इस श्रेणी के नए मतदाताओं को भी ब्रेलयुक्त ईपीआईसी देना अनिवार्य होगा.

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ब्रेलयुक्त ईपीआईसी के लिये निर्धारित प्रारुप में एक तरफ ब्रेल लिपि में ईपीआईसी नंबर, मतदाता का नाम, जन्मतिथि और आयु दर्ज होगी. जबकि दूसरी तरफ मतदान केन्द्र संख्या विधानसभा क्षेत्र का नाम और संख्या दर्ज होगी. आयोग ने कहा है कि सीईओ, इस काम को समय से पूरा करने के लिये ईपीआईसी बनाने और वितरण करने में निजी क्षेत्र के वेंडरों की भी मदद ले सकेंगे.