नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेराय की फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ (PM Narendra Modi) की रिलीज को लेकर उठा विवाद अभी शांत नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट में इसकी रिलीज रोकने को लेकर दायर याचिका के बाबत कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह फिल्म देखकर खुद तय करे कि इसे रिलीज करने की अनुमति देनी है या नहीं. उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार चुनाव आयोग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म (बायोपिक) बुधवार को देख ली. फिल्म देखने वाले अधिकारियों में आयोग के आदर्श आचार संहिता और विधिक विभाग के अधिकारी शामिल रहे. आयोग ने फिल्म के निर्माताओं से समिति के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग का प्रबंध करने के लिए कहा था.

सूत्रों ने जानकारी दी कि फिल्म की स्क्रीनिंग काफी देर चली क्योंकि अधिकारियों ने इस पर विभिन्न आयामों से विचार-विमर्श किया. अब चुनाव आयोग फिल्म पर प्रतिबंध को जारी रखने या नहीं रखने के अपने निर्णय से उच्चतम न्यायालय को अवगत कराएगा. वह इस संबंध में 19 अप्रैल को एक सील बंद लिफाफे में अपना निर्णय न्यायालय को सौंपेगा.

न्यायालय ने बीते सोमवार को इस संबंध में चुनाव आयोग को फिल्म देखकर निर्णय करने का निर्देश दिया था. आपको बता दें कि विवेक ओबेराय स्टारर इस फिल्म की रिलीज रोकने को लेकर कांग्रेस समेत कई दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी. कांग्रेस का आरोप था कि लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के जीवन पर बनी यह फिल्म भारतीय जनता पार्टी के प्रचार का हिस्सा है. विपक्षी दलों ने इस फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थी.

(इनपुट – एजेंसी)

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