नई दिल्ली: रमजान के दौरान चुनाव को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया है. चुनाव आयोग ने कहा कि रमजान पूरे महीने होते हैं. ऐसे में चुनाव आगे नहीं बढ़ाए जा सकते हैं. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने कहा कि वोटिंग के दिन कोई त्यौहार और शुक्रवार का दिन बीच में न हो, इसका ख्याल रखा गया है. बता दें कि शुक्रवार (जुमा) की नमाज का रमजान के दौरान भी अलग महत्व होता है.

इस बीच बीजेपी ने भी इस मामले को लेकर बयान दिया है. रमज़ान के दौरान चुनाव कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी नेताओं की आलोचना पर भाजपा ने सोमवार को कहा कि तृणमूल और आप ने काम नहीं किया है, ऐसे में धार्मिक विषयों पर सियासत की इजाजत नहीं दी जा सकती है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि रमज़ान मुसलमानों के लिये फर्ज है, जो रोज़ा रखते हैं, उनकी एक तरह से परीक्षा है. रमज़ान के दौरान भी नौकरीपेशा लोग रोजा रखते हुए काम करते हैं और कोई छुट्टी नहीं लेते.


बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रकार से बहुत से लोग रोजा रखते हुए मजदूरी करते हैं. ऐसा नहीं है कि पहली बार रमज़ान के दौरान चुनाव हो रहे हों, पहले भी रमजान के दौरान चुनाव हुए हैं. ऐसे में इस विषय पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए. यह धार्मिक कर्तव्य है. बहुत से लोग व्रत रखकर काम करते हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने कोई काम नहीं किया है, ऐसे में वे ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं. धार्मिक विषयों पर सियासत की इजाजत नहीं दी जा सकती है.

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस नेता और कोलकाता नगर निगम के मेयर फरहाद हकीम ने कहा है कि चुनाव आयोग ने रमजान के वक्त चुनाव की तारीखें रखी हैं, ताकि अल्पसंख्यक वर्ग वोट न डाल सके. उन्होंने कहा था कि रमजान में चुनाव होने की वजह से लोगों को वोट डालने में दिक्कत होगी. चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव होंगे. इसी बीच 5 मई से 4 जून के बीच रमजान पड़ रहा है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी के ओखला विधानसभा सीट से विधायक अमानतुल्ला खान ने भी रमजान के दौरान वोटिंग पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलने का दावा किया है. अमानतुल्ला ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा, ’12 मई का दिन होगा दिल्ली में रमजान होगा मुसलमान वोट कम करेगा इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.’