नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदान के बाद ईवीएम को मतगणना स्थलों तक पहुंचाने में गड़बड़ी और उनके दुरुपयोग को लेकर विभिन्न इलाकों से मिली शिकायतों को शुरुआती जांच के आधार पर गलत बताते हुए कहा है कि मतदान में प्रयोग की गयी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें ‘स्ट्रांग रूम’ में पूरी तरह से सुरक्षित हैं. आयोग ने मतदान में इस्तेमाल की गयी मशीनें 23 मई को हो रही मतगणना से पहले नयी मशीनों से बदलने के आरोपों और शिकायतों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया. आयोग ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि मशीनों को मतगणना केन्द्रों तक ले जाने में और उनके रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये संबद्ध राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट ली गयी. जांच में पाया गया कि जिन मशीनों के बारे में शिकायत की गयी है वे रिजर्व मशीनें थीं. इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था. मतदान के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी होने पर उन्हें रिजर्व मशीनों से बदला जाता है. Also Read - बंगाल जीत के बाद सीएम ममता ने केंद्र सरकार पर जमकर निकाली भड़ास, जानिए क्या-क्या कह डाला दीदी ने

Also Read - चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का जवाब, 'उच्च न्यायालयों का मनोबल नहीं गिरा सकते, न मीडिया को रोक सकते हैं'

EVM को लेकर चुनाव आयोग पहुंचा विपक्ष, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिया ये बयान Also Read - Bengal Election Result: ECI की वेबसाइट पर अभी नहीं हुई ममता की हार की पुष्टि, राज्यपाल ने कल मुलाकात के लिए बुलाया

उल्लेखनीय है कि आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी तथा बिहार की सारन सीट पर मतदान के बाद ईवीएम के दुरुपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी और दुरुपयोग की आशंका से इंकार किया. आयोग ने इन आरोपों के बारे में टेलीविजन और सोशल मीडिया में चल रहे वीडियो को गलत बताते हुये कहा कि इनमें दिखायी गयी मशीनें मतदान में प्रयुक्त मशीनें नहीं हैं.

आयोग ने झांसी में शिकायत की जांच के बाद स्थानीय निर्वाचन अधिकारी के बयान का हवाला देते हुये कहा, ‘‘मतदान में इस्तेमाल हुयी ईवीएम और वीवीपेट को व्यवस्थित रूप से सील करने के बाद मतगणना केन्द्रों पर बने स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है. इन जगहों पर केन्द्रीय पुलिस बल के जवान तैनात हैं. स्ट्रांग रूम को उम्मीदवार और उनके निर्धारित प्रतिनिधि कभी भी देख सकते हैं.’’ आयोग ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किये जाने के आधार पर मशीनों के दुरुपयोग और रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों को गलत बताया.

लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com