लखनऊ. भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर लगाई जा रही अटकलों के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा के आगामी चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे. अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल पर कहा ‘चुनाव समय पर ही होंगे.’ उनसे सवाल किया गया था कि पाकिस्तान में वायु सेना के हमले के बाद पैदा सूरतेहाल में पर्याप्त सुरक्षा बलों की उपलब्धता नहीं होने की आशंका के कारण क्या लोकसभा चुनाव समय से कराना सम्भव होगा? मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने आगामी लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शीपूर्ण तरीके से कराने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान आचार संहिता का कड़ाई से पालन होगा और हर शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि आयोग के साथ बैठक में राजनीतिक दलों ने जातीय, साम्प्रदायिक भाषणों पर रोक लगाने, चुनाव के दौरान शत-प्रतिशत केन्द्रीय बलों की तैनाती करने, मतदाता सूची में गड़बड़ियां सुधारने, मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने समेत अनेक मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए संकल्पबद्ध है. आयोग आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएगा और चुनाव से जुड़ी हर शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई होगी.

उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे देश में ‘सी-विजिल’ मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया जाएगा, जिस पर कोई भी नागरिक चुनाव से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकता है. शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखने का विकल्प भी होगा. आयोग उन शिकायतों पर हुई कार्रवाई को अपने खर्च पर अखबारों में छपवाएगा. सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए आयोग की समितियों में एक-एक सोशल मीडिया विशेषज्ञ की तैनाती होगी. उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश के सभी एक लाख 63 हजार 331 मतदान केन्द्रों पर ईवीएम के साथ-साथ वीवीपैट का प्रयोग किया जाएगा. वीवीपैट मशीन के उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए शुरू किए गए अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने की कोशिश की जाएगी.

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अरोड़ा ने बताया कि लोकसभा के आगामी चुनाव में फॉर्म 26 में दिए जाने वाले शपथपत्र में अब प्रत्याशियों को अपनी पत्नी अथवा पति, आश्रित पुत्र, पुत्री और एचयूएफ (अविभाजित हिन्दू परिवार) के पांच सालों की आय का विवरण देना होगा. उन्होंने कहा कि नई अधिसूचना के अनुसार अब प्रत्याशियों को देश में स्थित सम्पत्तियों के साथ-साथ विदेश में भी मौजूद जायदाद के बारे में भी विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा. आयकर विभाग इन सम्पत्तियों की जांच करेगा और अगर किसी तरह की विसंगति पाई जाती है तो उसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. गलत जानकारी दिए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.

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नफरत भरे भाषणों पर सख्ती से रोक लगाए जाने के तरीके के बारे में पूछे जाने पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उन्होंने यहां अपनी समीक्षा बैठकों में पिछले चुनावों के दौरान दर्ज ऐसे मामलों पर कार्रवाई की स्थिति का जायजा लिया है. हमने जो भी पाया, उसके बारे में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को बता दिया है. हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि आयोग ने अधिकारियों से दिव्यांग मतदाताओं की वास्तविक संख्या के बारे में जानकारी मांगी है. ऐसे मतदाताओं को मतदान में आसानी उपलब्ध कराने के लिए जरूरी सुविधाओं की समीक्षा के लिये अफसरों से कहा गया है कि वे मौके पर जाकर हालात का जायजा लें.

गौरतलब है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अगुआई में चुनाव आयोग का एक दल गत 27 फरवरी को लखनऊ पहुंचा था. दल ने उसी दिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी. आयोग की टीम ने 28 फरवरी को प्रदेश के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करके आगामी लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कराने के लिए अब तक की गई तैयारियों का जायजा लिया था.

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अरोड़ा ने बैठक में निर्देश दिए थे कि चुनाव के दौरान धार्मिक, सामुदायिक, जाति और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न पनपने पाए, इसके लिए सामाजिक संगठनों गणमान्य व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाए. संवेदनशील क्षेत्रों को चयनित कर वहां सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया जाए. प्रदेश से लगी राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर खास चौकसी बरती जाए. उन्होंने कहा कि आयोग के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

(इनपुट – एजेंसी)