चेन्नई: चुनाव आयोग ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि आगामी लोकसभा चुनावों में सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी/VVPAT) मशीनें इस्तेमाल की जाएंगी. अब तक 100 फीसदी ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. ईवीएम पर विपक्ष द्वारा लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं.

आयोग के वकील निरंजन राजगोपाल ने न्यायमूर्ति एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ को यह बात उस जनहित याचिका के जवाब में बताई जिसमें चुनाव आयोग को आम चुनावों में हर संसदीय क्षेत्र में वीवीपीएटी मशीनों के इस्तेमाल का निर्देश देने की मांग की गई है.

चुनाव आयोग पहुंचा विपक्ष: EVM की गिनती और वीवीपैट की 50 प्रतिशत पर्चियों के मिलान की मांग

चुनाव आयोग ने जब आश्वस्त कर दिया कि वीवीपीएटी मशीनें 100 फीसदी इस्तेमाल की जाएंगी तो पीठ ने याचिका खारिज कर दी. याचिकाकर्ता एस पकियाराज ने कहा था कि ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें आती रही हैं और चुनाव आयोग ने चुनिंदा चुनाव क्षेत्रों में ही वीवीपीएटी का इस्तेमाल किया.

बता दें कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष ईवीएम को लेकर सवाल खड़े करते आया है. एक दिन पहले ही चुनाव आयोग से मिल विपक्ष के नेताओं ने ईवीएम की वोटों की गिनती और वीवीपैट की 50 प्रतिशत पर्चियों के मिलान की मांग की थी. विपक्ष मांग करते आया है कि चुनाव ईवीएम की बजाय मत पत्रों से कराए जाएँ. एक दिन पहले ही बीजेपी ने बंगाल में निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की थी. ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवालों को चुनाव आयोग खारिज करता रहा है.