पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के लिए प्रचार बीती रात 10 बजे समाप्त हो गया. यहां की 9 लोकसभा सीटों पर अंतिम चरण में रविवार को वोट डाले जाएंगे. चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा ने इस राज्य के चुनाव को बेहद संवेदनशील बना दिया है. इसी कारण चुनाव आयोग ने इस चरण की सभी सीटों के हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय बलों की तैनाती की योजना बनाई है. रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा की नौ सीटों पर केंद्रीय बलों की 800 कंपनियों की तैनाती की जाएगी.

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह संख्या कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों की संख्या से ज्यादा है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से बंगाल के लिए 900 कंपनियों की मांग की थी लेकिन अन्य राज्यों में चुनाव को देखते हुए सरकार ने 700 केंद्रीय बलों और करीब 100 अलग-अलग राज्यों की पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनियों को उपलब्ध करवाया है. आंकड़ों की बात करें तो औसतन एक कंपनी में करीब 135-150 जवान होते हैं. इस हिसाब से देखें तो पश्चिम बंगाल में एक लाख से अधिक केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं.

उधर, बृहस्पतिवार को रात 10 बजे पश्चिम बंगाल में प्रचार समाप्त हो गया जहां अंतिम चरण में चुनाव होने हैं. देश में यह पहली बार हो रहा है जब तय समय से 20 घंटे पहले चुनाव प्रचार खत्म कर दिया गया हो और ऐसा चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक हुआ है. चुनाव आयोग के मुताबिक दक्षिण बंगाल की नौ संसदीय सीटों पर रविवार को चुनाव होंगे जहां 111 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 1,49,63,064 मतदाता के हाथों में होगा.

रविवार को जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें कोलकाता उत्तर एवं कोलकाता दक्षिण, दम दम, बारासात, बशीरहाट, जादवपुर, डायमंड हार्बर, जयनगर (आरक्षित) और मथुरापुर (आरक्षित) सीट शामिल हैं. भारतीय चुनाव के इतिहास में इस तरह की पहली कार्रवाई में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नौ सीट पर प्रचार को शुक्रवार शाम छह बजे समाप्त करने की बजाए बृहस्पतिवार को रात 10 बजे खत्म करने का बुधवार को आदेश दिया. अमित शाह के रोड शो के दौरान शहर में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा के मद्देनजर यह आदेश दिया गया.