मुजफ्फरपुर (बिहार). बिहार में पांचवें चरण के लोकसभा चुनाव में बिहार की पांच सीटों पर सोमवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. इस चरण में 57.86 फीसदी मतदाताओं ने मतदान रिकॉर्ड किया गया. पांचवें चरण के मतदान के दौरान मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट पर एक मजेदार वाकया सामने आया, जब कुछ ईवीएम और वीवीपैट मशीनें शहर के एक होटल से बरामद की गईं. इन मशीनों के होटल में मिलने के पीछे जो वजह बताई गई, उसमें कहा गया है कि चुनाव संचालन से जुड़े एक सेक्टर मजिस्ट्रेट ने अपने ड्राइवर के आग्रह पर मतदान कराने के लिए होटल में ईवीएम उतार लिए थे. आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भाजपा प्रत्याशी अजय निषाद के सामने विपक्षी महागठबंधन से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राजभूषण चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं. Also Read - पश्चिम बंगाल दूसरे कश्मीर में बदल गया है, यहां हर दिन आतंकवादी गिरफ्तार हो रहे : बीजेपी नेता घोष

बहरहाल, पांचवें चरण में हुए मतदान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, पशुपति कुमार पारस, डॉ. शकील अहमद सहित 86 दिग्गजों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद हो गया. पांचों सीटों पर औसत 57.83 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 61.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सबसे कम 55.50 प्रतिशत मतदान मधुबनी लोकसभा क्षेत्र में हुआ. Also Read - अहमद पटेल कांग्रेस के एक मजबूत स्तंभ थे जो मुश्किल दौर में हमेंशा पार्टी के साथ खड़े रहे: राहुल गांधी

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इधर, मुजफ्फरपुर लोकसभा के छोटी कल्याणी स्थित एक बूथ पर हो रहे मतदान के दौरान एक होटल से 6 ईवीएम बरामद होने के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया. मौके पर पहुंचे एसडीओ ने ईवीएम को अपने कब्जे में कर लिया. उन्होंने इसे बड़ी लापरवाही करार देते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट पर कार्रवाई की बात कही है. इस लापरवाही के लिए ईवीएम के कस्टोडियन सेक्टर मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर ये ईवीएम होटल में कैसे पहुंचे.

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने भी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के होटल से मिलने के मामले की पुष्टि की है. डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट के चालक ने मतदान करने की इच्छा जताई थी. अपने चालक की इच्छापूर्ति के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट ने ईवीएम मशीन और वीवीपैट को एक निजी होटल में उतार लिया. सेक्टर मजिस्ट्रेट से कारण पूछा गया है. अभी तक जो जानकारी मिली है उसमें उनका आचरण चुनाव प्रणाली के नियमों के विरुद्ध है. चुनाव आयोग उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करेगी.

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