बलिया (उप्र). कांग्रेस नेता एवं उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा में पुनः शामिल होने की संभावना से इंकार करते हुए बुधवार को दावा किया कि 23 मई के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भाजपा से मिल जाएंगी. कभी बसपा सुप्रीमो के करीबी रहे सिद्दीकी के यूपी में ‘बड़े उलटफेर’ के इस दावे से लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में गर्माहट आने की पूरी उम्मीद है. कांग्रेस नेता सिद्दीकी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर आश्चर्य प्रकट किया. उन्होंने कहा कि बसपा के सहयोगी दल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व राष्ट्रीय लोकदल ने कभी भी यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि वह मायावती के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का समर्थन करते हैं. Also Read - West Bengal: PM मोदी के पहुंचने से पहले बवाल, हावड़ा में BJP कार्यर्ताओं पर हमला, TMC वर्कर्स पर आरोप

Also Read - सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती: गृह मंत्री अमित शाह ने नेताजी को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com Also Read - Congress President Election: कांग्रेस ने कहा- जून में उसका नया निर्वाचित अध्यक्ष होगा

सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव ने सिर्फ यह कहा है कि अगला प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही बनेगा, तब ऐसे में मायावती के प्रधानमंत्री बनने का सवाल ही कहां उठता है. उन्होंने दावा किया कि 23 मई के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भाजपा से मिल जाएंगी. उन्होंने कहा कि मायावती पहले भी भाजपा से मिल चुकी हैं तथा भाजपा को अपना वोट ट्रांसफर करा चुकी हैं. मायावती पर इस तरह का दबाव बनेगा कि वह भाजपा का हिस्सा बन जाएंगी. जब मायावती भाजपा के साथ चली जाएंगी तो सपा के सामने देश एवं प्रदेश हित में कांग्रेस के साथ आने के सिवाय कोई विकल्प नहीं रह जाएगा.

बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने वाराणसी जाएंगी प्रियंका गांधी, पीएम मोदी के गढ़ में करेंगी रोड शो

सिद्दीकी ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असम्भव नहीं होता. वे पिछले 33 वर्ष से मायावती को जानते हैं. जितना वह उनको जानते हैं, उतना मायावती भी स्वयं को नहीं जानती. वे आज भी मायावती का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने एक सवाल के जबाब में बसपा में पुनः शामिल होने की संभावना से इंकार किया. उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में हैं तथा मृत्यु के समय तक कांग्रेस में ही रहेंगे. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी तथा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे. देश के अधिकांश लोग मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते.