पटना. बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन ने भाकपा (माले) को तो तरजीह दी है, लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को नहीं. महागठबंधन में सीट बंटवारा हो जाने के बाद भाकपा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि छात्रनेता कन्हैया कुमार बेगूसराय से चुनाव लड़ेंगे. भाकपा ने अन्य सीटों पर उम्मीदवार तय करने के लिए रविवार को बैठक बुलाई है. भाकपा के प्रदेश सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNUSU) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का बेगूसराय से चुनाव लड़ना तय है.

उन्होंने कहा, “महागठबंधन का स्वरूप तय होने के बाद अब यह साफ है कि हमें बिहार में अपने बलबूते चुनाव लड़ना है. बेशक हम चुनाव लड़ेंगे और इस बारे में स्पष्ट रणनीति के लिए रविवार को बैठक बुलाई गई है, जिसमें मधुबनी, मोतिहारी, बांका, खगड़िया जैसी सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.” सूत्रों का कहना है कि भाकपा के इस निर्णय के बाद बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में त्रिकोणात्मक संघर्ष देखने को मिलेगा. यहां से राजग की घटक भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है.

बिहार में इस फॉर्मूले के तहत हुआ महागठबंधन की सीटों का बंटवारा

बिहार में इस फॉर्मूले के तहत हुआ महागठबंधन की सीटों का बंटवारा

महागठबंधन ने शुक्रवार को सीटों की घोषणा की है. बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से राजद जहां 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, वहीं कांग्रेस के खाते में नौ सीटें गई हैं. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को पांच, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) व विकासशील इंसान पार्टी को तीन-तीन सीटें दी गई हैं. भाकपा (माले) को राजद कोटे से एक सीट दी गई है. बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटों के लिए 7 चरणों में 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, 6 मई, 12 मई और 19 मई को मतदान होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.